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Closing Bell: RBI MPC और मोदी-पुतिन मुलाकात का मार्केट पर दिखा असर, सेंसेक्स 447 अंक उछला तो निफ्टी 26,186 के पार

RBI गवर्नर के इस बयान ने भी बाजार को सहारा दिया कि महंगाई कम हुई है और आने वाले महीनों में और राहत मिल सकती है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- December 05, 2025 | 4:00 PM IST

RBI MPC बैठक और PM मोदी व रूसी राष्ट्रपति पुतिन की बैठक के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने धमाकेदार वापसी की। BSE सेंसेक्स 447 अंक उछलकर 85,712 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 152 अंक की छलांग लगाते हुए 26,186 पर दिन का कारोबार खत्म किया। घरेलू संकेत मिले-जुले रहे, लेकिन मजबूत आर्थिक आंकड़े, रुपये में आई तेजी और RBI की पॉलिसी घोषणा के बाद निवेशकों का जोश लौट आया।

बड़े शेयरों ने संभाला मोर्चा, बैंकिंग और IT में सबसे ज्यादा चमक

बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। सबसे आगे रहा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जिसके शेयर 2.53 फीसदी चढ़ गए। इसके बाद बजाज फिनसर्व 2.08 फीसदी, मारुति 1.8 फीसदी, बजाज फाइनेंस 1.75 फीसदी और HCL टेक 1.63 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स की लिस्ट में रहे। लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंफोसिस भी एक फीसदी के करीब चढ़े। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक ने भी हल्की-फुल्की बढ़त बनाई।

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हालांकि, कुछ बड़े नाम लुढ़क भी गए। हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे ज्यादा 3.38 फीसदी टूटे। इसके अलावा ट्रेंट, सन फार्मा और कुछ दूसरी कंपनियां भी लाल निशान में बंद हुईं।

सेक्टरों में PSU बैंक रहे अव्वल, मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की सुस्ती

सेक्टर्स की बात करें तो सबसे शानदार प्रदर्शन रहा निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स का, जो डेढ़ फीसदी तक चढ़ गया। निफ्टी IT और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ चमके। ऑटो और रियल्टी सेक्टर भी अच्छा चले, निफ्टी ऑटो 0.74 फीसदी और निफ्टी रियल्टी 0.34 फीसदी ऊपर बंद हुआ। दूसरी तरफ FMCG, फार्मा और मीडिया सेक्टर सुस्त रहे।

मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रहा, ज्यादातर शेयर हरे निशान में बंद हुए। लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप में कुछ सावधानी दिखी। निफ्टी माइक्रोकैप 100 एक फीसदी से ज्यादा और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स आधा फीसदी से ज्यादा लुढ़का।

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अभी भी बिकवाली कर रहे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा दे रहे हैं। ग्लोबल मार्केट में निक्केई अच्छी-खासी गिरावट में रहा, लेकिन कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे। सबसे अच्छी बात यह रही कि रुपया 90 के पार मजबूत हुआ, जिसमें RBI की संभावित दखल और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने अहम भूमिका निभाई।

First Published : December 5, 2025 | 8:07 AM IST