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Closing Bell: इजराइल-ईरान युद्ध से बाजार की बढ़ी टेंशन, सेंसेक्स 573 अंक गिरा, निफ्टी 24718 पर बंद; Nifty PSU Bank 1.18% फिसला

Stock Market: इजरायल के ईरान पर सैन्य हमले शुरू के बाद तेल समृद्ध मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया और इसका असर स्पष्ट रूप से निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर दिखा।

Last Updated- June 13, 2025 | 3:47 PM IST
Tobacco Stocks
Representative Image

Stock Market Closing Bell, June 13: वैश्विक बाजारों में गिरावट के समान भारतीय शेयर बाजार भी हफ्ते के लास्ट ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (13 जून) को गिरावट के साथ बंद हुए। इजरायल के ईरान पर सैन्य हमले के बाद तेल समृद्ध मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया। इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर भी बड़ा। हालांकि, प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स दिन में 1.50% से ज्यादा की गिरावट के बाद कुछ हद तक रिकवर होने में कामयाब रहे।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज 1100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 80,427.81 पर ओपन हुआ। खुलते ही इसमें बिकवाली हावी हो गई। कारोबार के दौरान यह 80,354 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 573.38 अंक या 0.70% की गिरावट लेकर 81,118.60 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) सीधा 25 हजार के मनोवैज्ञानिक लेवल से नीचे खुला। कारोबार के दौरान यह 24,473 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 169.60 एक या 0.68% की गिरावट लेकर 24,718 पर क्लोज हुआ।

निफ्टी पीएसयू बैंक 1.18% गिरा

निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स क्रमश: 0.24 प्रतिशत और 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। सेक्टोरल इंडेक्स में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, एनर्जी, फार्मा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस में भी गिरावट दर्ज की गई।

शेयर बाजार में शुक्रवार 13 जून को गिरावट की वजह?

1. इजराइल ने शुक्रवार को ईरान पर हमला कर दिया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, इस अभियान में “ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के मुख्य भाग” को निशाना बनाया गया। इसमें नतांज परमाणु सुविधा और प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक शामिल थे।

ऐसे समय में जब रूस-यूक्रेन के बीच तनाव जारी है और हाल ही में यह और भी बढ़ गया है, इजराइल-ईरान संघर्ष बाजारों के लिए एक नया झटका है। भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि तनाव और बढ़ सकता है तथा मिडिल ईस्ट में एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ आक्रमण “जितने दिनों तक आवश्यक होगा, जारी रहेगा।

2. मिडिल ईस्ट से सप्लाई में व्यवधान की चिंताओं के बीच ईरान-इजरायल संघर्ष के हमले के बाद डब्ल्यूटीआई क्रूड और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई। दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक भारत विशेष रूप से कमजोर है। तेल की कीमतों में तेज उछाल देश फिस्कल के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे महंगाई का दबाव फिर से बढ़ा सकता है, जो हाल ही में कम हो रहा है।

3. भू-राजनीतिक तनाव के चलते जापान का निक्केई इंडेक्स 1.16 फीसदी गिर गया। जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.67 फीसदी टूटा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 0.17 फीसदी फिसल गया।

ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.23 प्रतिशत की गिरावट आई। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 0.98 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि मेनलैंड चीन के सीएसआई 300 में 0.78 प्रतिशत की गिरावट आई। प्री-मार्केट ट्रेडिंग में अमेरिकी फ्युचारस भी डूब गया। नैस्डैक कंपोजिट फ्यूचर्स 374 अंक या 1.7 प्रतिशत गिरा, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 1.6 प्रतिशत गिरा। डॉव जोन्स फ्यूचर्स भी 1.47 प्रतिशत कम हुआ।

निवेशकों को 2 लाख करोड़ का नुकसान

बाजार में आज निवेशकों की संपत्ति 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप गुरुवार को बाजार होने के बाद 450,52,928 करोड़ रुपये था। जबकि शुक्रवार को यह 447,48,445.76 करोड़ रुपये आ गया। इस तरह, निवेशकों की वेल्थ दो मिनट में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गई।

यह भी पढ़ें: Stocks To Watch Today: Reliance, ONGC, Gensol Engineering समेत इन स्टॉक्स पर रखें नजर, दिख सकता है एक्शन

कैसे रहे ग्लोबल संकेत?

एशिया-प्रशांत बाजारों में शुक्रवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशक भावना पर तब दबाव आया जब ईरान पर इजरायल के सैन्य हमले की खबर सामने आई। हालांकि, अमेरिका के सकारात्मक आर्थिक आंकड़ों के चलते वॉल स्ट्रीट की पिछली कारोबारी सत्र में बढ़त रही।

इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल कत्ज़ ने बताया कि शुक्रवार तड़के ईरान पर एक प्री-एम्पटिव (पूर्व-सतर्कता) हमला किया गया। यह कार्रवाई अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद की गई, जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित इजरायली हमले की बात कही थी। कत्ज़ ने यह भी कहा कि ईरान से मिसाइल और ड्रोन के जरिए पलटवार की आशंका है और इसी के चलते आपातकाल घोषित कर दिया गया है।

इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते जापान का निक्केई इंडेक्स 1.16 फीसदी गिरा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.67 फीसदी टूटा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 सूचकांक 0.17 फीसदी फिसल गया।

दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में इस हफ्ते अब तक मजबूती का रुख बना हुआ है। हालांकि, शुक्रवार की शुरुआत में अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स कमजोर नजर आए। नैस्डैक कंपोजिट फ्यूचर्स 374 अंक या 1.7 प्रतिशत गिरा, जबकि एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 1.6 प्रतिशत गिरा। डॉव जोन्स फ्यूचर्स भी 1.47 प्रतिशत कम हुआ। इससे पहले गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.38 फीसदी की बढ़त रही। नैस्डैक कंपोजिट 0.24 फीसदी चढ़ा और डाउ जोन्स में भी 0.24 फीसदी की तेजी आई।

First Published - June 13, 2025 | 8:06 AM IST

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