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मिड और स्मॉलकैप शेयरों को मिला सेंटा का तोहफा

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खुदरा निवेशक ही हैं, जो पिटे हुए मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में मूल्य देख रहे हैं और इन दो श्रेणियों में ‘सेंटा क्लॉज’ वाली तेजी आगे बढ़ा रहे हैं।

Last Updated- December 13, 2024 | 4:08 PM IST
stock market today

शीर्ष स्तर की तुलना में 10 प्रतिशत से ज्यादा की नरमी के साथ ‘गिरावट’ वाले चरण में चले गए अधिकांश प्रमुख सूचकांकों, खास तौर पर मिड और स्मॉलकैप के लिए दिसंबर का महीना बाजार के लिए अब तक बेहतर रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि जहां दिसंबर में निफ्टी 50 सूचकांक 2.1 प्रतिशत बढ़ा है वहीं मिड और स्मॉलकैप में यह मजबूती तेज रही है और दोनों सूचकांक इस दौरान 5.1 प्रतिशत और 5.4 प्रतिशत बढ़े हैं।

पिछले पांच वर्षों में (साल 2019 से) बाजार ने दिसंबर में हर बार धनात्मक रिटर्न दिया है, सिवाय वर्ष 2022 के जब निफ्टी, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों को मशक्कत करनी पड़ी थी। तो महीने के बाकी दिनों में क्या होने वाला है? क्या इस दौरान बाजार में ‘सेंटा क्लॉज’ वाली तेजी देखने को मिलेगी?

कई लोग मानते हैं कि सेंटा क्लॉज वाली तेजी इस वजह से आती है क्योंकि जनवरी में शेयरों की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद में लोग शेयर खरीदते हैं। इसे जनवरी के असर के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में धीरे-धीरे लौट रहे हैं, लेकिन इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोकालिंगम के अनुसार खुदरा निवेशक ही हैं, जो पिटे हुए मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में मूल्य देख रहे हैं और इन दो श्रेणियों में ‘सेंटा क्लॉज’ वाली तेजी आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘हाल में हुई बिकवाली की वजह से मूल रूप से कई अच्छे शेयरों में गिरावट आई है। इस कारण पिछले कुछ महीनों में सूचकांक लुढ़के हैं। निवेशक अब ऐसे शेयरों में मूल्य देख रहे हैं। इस सब से शेयरों के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे सेंटा क्लॉज वाली तेजी दिख रही है, खास तौर पर मिड और स्मॉल-कैप में। निवेशकों को अपने निवेश योग्य धन का 60 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक हिस्सा ऐसे गुणवत्ता वाले स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में लगाना चाहिए। हालांकि यह रणनीति केवल उन लोगों के लिए है जो तीन साल तक की मध्य से दीर्घावधि के निवेश का खासा जोखिम उठा सकते हैं।’

आंकड़ों से पता चलता है कि एनएसई पर मिड और स्मॉल-कैप बास्केट में शामिल एकल आधार वाले शेयरों में आईटीआई लिमिटेड, इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना, इंद्रप्रस्थ गैस (आईजीएल), बीएलएस इंटरनैशनल, एंजेल वन, बीएसई, सीडीएसएल, केईसी इंटरनैशनल, आरबीएल बैंक और पीबी फिनटेक मजूबती दर्ज करने वाले उन प्रमुख शेयरों में रहे हैं जो दिसंबर में अब तक 14 प्रतिशत से 36 प्रतिशत तक बढ़े हैं।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्र को उम्मीद है कि अल्प से मध्य अवधि के दौरान लार्ज-कैप शेयरों में मौजूदा उतार-चढ़ाव जल्द ही समाप्त हो जाएगा और निफ्टी 24,800 का स्तर पार कर जाएगा। हालांकि सेक्टरों में चुनिंदा ही शेयर बढ़ रहे हैं। लेकिन मिश्र को उम्मीद है कि बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र इस तेजी के अगले चरण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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First Published - December 12, 2024 | 10:17 PM IST

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