मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से होने वाली दिक्कतों को लेकर नई चिंताओं के बीच आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार नीचे आ गए। अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी धारणा पर नकारात्मक असर डाला।
सेंसेक्स 1,068.74 अंक या 1.3 फीसदी गिरकर 82,225.92 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 288.35 अंक या 1.12 फीसदी गिरकर 25,425 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांक दिन के कारोबार में और ज्यादा नीचे पहुंच गए थे। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 1,360 अंक गिरकर दिन के सबसे निचले स्तर 81,935 पर और निफ्टी 25,328 पर आ गया था।
आईटी शेयरों पर दबाव ज्यादा देखा गया। निफ्टी आईटी सूचकांक 4.7 फीसदी गिरकर 30,054 पर आ गया।
इस महीने यह बिकवाली इस बढ़ती चिंता के बीच हुई है कि एआई में तेजी से हो रही तरक्की पुराने सॉफ्टवेयर सेवा व्यवसाय में खलल डाल सकती है जिससे वृद्धि प्रभावित हो सकती है और मूल्य पर दबाव बढ़ सकता है। सिट्रिनी रिसर्च की एक नई रिपोर्ट ने एआई-लेड ऑटोमेशन के प्रति संवेदनशील बिजनेस मॉडलों को लेकर डर और बढ़ा दिया है।
आईटी के साथ साथ, संपूर्ण बाजार धारणा सतर्क बनी रही। एनएसई के आधे से ज्यादा सेक्टोरल सूचकांक नुकसान में बंद हुए। निफ्टी रियल्टी सूचकांक 2.5 फीसदी, जबकि निफ्टी ऑटो करीब आधा फीसदी गिरा। कारोबारियों ने कहा कि आईटी उद्योग में नौकरियां जाने से अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों, खासकर घरों और कारों की बिक्री पर असर पड़ सकता है।
वैश्विकव्यापार टकराव की चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को पहले ही कमजोर कर दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इमरजेंसी टैरिफ खत्म किए जाने के फैसले के बाद देशों को नए व्यापार समझौतों से पीछे हटने को लेकर आगाह किया है। इससे पता चलता है कि वैकल्पिक व्यापार कानूनों के तहत ज्यादा शुल्क लगाया जा सकता है। खबर है कि भारत ने अमेरिका के साथ तय व्यापार वार्ता में देरी की है, जबकि चीन और यूरोपीय संघ ने भी हाल के टैरिफ घटनाक्रम के खिलाफ विरोध का संकेत दिया है।
गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज और अरविंद जैसे टेक्सटाइल निर्यातकों के शेयरों में 3.6 से 5.6 फीसदी के बीच गिरावट आई। बाजार धारणा कमजोर बनी रही। बीएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या 2,889 और चढ़ने वालों की तादाद 1,344 रही।