facebookmetapixel
Advertisement
पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दम

BS Manthan 2026: ITC प्रमुख संजीव पुरी ने कहा- आयकर और GST में कटौती से बढ़ी बाजार में खपत

Advertisement

उन्होंने कहा कि सरकार ने समय-समय पर कई नीतिगत हस्तक्षेप और सुधार किए गए हैं। इससे भारत दुनिया में सबसे मजबूत और सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया है

Last Updated- February 24, 2026 | 11:15 PM IST
sanjiv Puri ITC
आईटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड के सालाना कार्यक्रम मंथन में एक चर्चा के दौरान

आईटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड के सालाना कार्यक्रम मंथन में एक चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने खपत को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन कदमों के तहत आयकर की दरों में कटौती और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) में कमी की बीते साल की गई घोषणा शामिल है।

उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि सरकार ने समय-समय पर कई नीतिगत हस्तक्षेप और सुधार किए गए हैं। इससे भारत दुनिया में सबसे मजबूत और सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया है। पुरी ने कहा, ‘ऐसी वृद्धि को उस समय हासिल करना चुनौतीपूर्ण है जब पूरी दुनिया मुश्किलों के दौर में गुजर रही है। यह वाकई उल्लेखनीय है और नीतिगत हस्तक्षेपों का प्रमाण है। खपत को बढ़ावा देने के लिए पहले भी कई हस्तक्षेप किए गए हैं। वित्त मंत्री ने पहले आयकर की दरों में कमी की घोषणा की और फिर जीएसटी की दरें घटाईं। इसके साथ ही सभी तरह के आर्थिक कारक भी बहुत सहायक रहे क्योंकि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में निवेश जारी है।’

उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा है। सौभाग्य से महंगाई नरम है।  ग्रामीण भारत में निवेश भारत के तेजी से खपत वाले उपभोक्ता वस्तुओं के सेक्टर को बढ़ने में मदद कर रहा है। पुरी का मानना है कि चूंकि सभी मैक्रो कारक दुरुस्त हैं। इसलिए स्थितियां धीरे-धीरे बेहतर होती जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की खपत से चलने वाली अर्थव्यवस्था है और दैनिक उपभोक्ता वस्तु (एफएमसीजी) क्षेत्र अर्थव्यवस्था की प्रगति से जुड़ा हुआ है। लेकिन पुरी का मानना है कि खपत की बास्केट भी बदल रही है और इसलिए सटीक समन्वय समय के साथ विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि जेन जेड पीढ़ी में दैनिक उपभोग वस्तुओं की खपत बढ़ रही है। इस पीढ़ी की उपभोक्ता खर्च में 46 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कारण इस समूह की भारत की कुल आबादी में जबरदस्त 40 करोड़ हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा, ‘इस पीढ़ी (जेन जेड) के पास पूरी जानकारी है, वह उद्देश्य पर अधिक केंद्रित और चुनिंदा जरूरतों जैसे क्लीन लेबल, सेहत और अपनी दुनिया में मस्त है। वे इसे नए सिरे से गढ़ रहे हैं।’

आईटीसी ने अपने फेबेल ब्रांड में कुनाफा फ्लेवर की चॉकलेट बाजार में उतारी है। कंपनी ने जेन जेड के स्वाद के अनुरूप पूरे एशिया में फ्लेवर वाले फूड आइटम पेश किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 40 वर्ष की अधिक आयु वर्ग में 25 करोड़ उपभोक्ता हैं और उनकी अपनी आवश्यकताएं हैं। उन्होंने कहा ‘उन्हें सक्रिय जीवनशैली की जरूरतों को पूरा करने के लिए पोषण और डेंस (छोटे पैकेट में अधिक खनिज वाले और स्वास्थ्यवर्धक) उत्पादों की जरूरत है। ऐसे में ही ठीक बदलाव आता है। वे मिलेनियल्स और पारंपरिक लोग हैं जो अब घर पर कुछ सुविधा तलाशते हैं।”

पुरी ने वितरण चैनलों के बढ़ने और विकसित होने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गो-टू-मार्केट यानी बाजार जाने का तरीका बदल रहा है। अब सामान्य व्यापार की प्रमुखता की जगह कई चैनल आ रहे हैं। इसे क्विक कॉमर्स बढ़ा रहा है।  

उन्होंने मौजूदा परिदृश्य को प्रतिस्पर्धी बताया। पुरी ने कहा, ‘भारत में पूंजी तक पहुंच की कोई समस्या नहीं है। यदि आपके पास बढ़िया आइडिया है तो पूंजी उपलब्ध है। अब नए उद्यमी आ रहे हैं और नई युग की प्रणालियां जैसे डी-2-सी (सीधे उपभोक्ता) में बहुत अधिक लोग आ रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं, ये सभी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि आईटीसी के लिए चुस्त और उपभोक्ता केंद्रित रहना महत्त्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘हमें वहां होना होगा जहां उपभोक्ता है। हमें उपभोक्ता की सेवा करनी होगी और उसकी क्या जरूरत है। एक तरफ हमें ओम्नी चैनल प्लेयर बनना होगा। दूसरी तरफ, हमारा पोर्टफोलियो समय के अनुरूप होना चाहिए। भविष्य के लिए तैयार होना चाहिए। इसे लगातार रिफ्रेश और नया किया जाना चाहिए।’

Advertisement
First Published - February 24, 2026 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement