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चीन से निवेश और तकनीक आकर्षित करने के लिए नियमों की समीक्षा को तैयार है भारत: गोयल

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उन्होंने कहा कि इस समय सरकार की प्राथमिकता में मंजूरियों को गति देना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है

Last Updated- February 24, 2026 | 11:01 PM IST
Piyush Goyal
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल बिज़नेस स्टैंडर्ड 'मंथन' में अपनी बात रखते हुए

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत घरेलू विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए चीन के प्रति अपने निवेश के रुख की समीक्षा करने को तैयार है।

नई दिल्ली में बिज़नेस स्टैंडर्ड के कार्यक्रम बीएस मंथन में मंत्री ने कहा, ‘हम उद्योग के साथ बातचीत कर रहे हैं। चीन से अधिक तकनीक और निवेश आकर्षित करने को लेकर हमारे विचार खुले हैं। यह एक बदलती स्थिति है और नए विचारों के लिए खुली है।’

गोयल ने कहा कि प्रेस नोट 3 में पड़ोसी देशों के मामले में निवेश नियमों को कड़ा किया था। यह भारतीय व्यवसायों को खासकर कोविड 19 के दौर में ‘अवसरवादी अधिग्रहणों’ से बचाने के लिए लाया गया था, जब मूल्यांकन में गिरावट आई थी।

उन्होंने कहा कि इस समय सरकार की प्राथमिकता में मंजूरियों को गति देना और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना शामिल है।  

गोयल ने कहा कि विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती विश्वसनीयता के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ इसे जोड़ने में मदद मिल रही है।  उन्होंने कहा, ‘इस समय दुनिया में भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। वे हमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि भारतीय उनके कॉर्पोरेशंस में काम करें।’

गोयल ने कहा कि वॉशिंगटन में टैरिफ से संबंधित स्थिति के बारे में ज्यादा स्पष्टता आते ही अमेरिका के साथ भारत व्यापार समझौते की वार्ता फिर से शुरू करेगा।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद मंत्री ने पहला आधिकारिक बयान दिया है, जिसमें विशिष्ट टैरिफ को रद्द कर दिया गया था।

अमेरिका के साथ भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व वाली एक टीम ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ की स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता को देखते हुए वॉशिंगटन डीसी की यात्रा स्थगित कर दी। यह टीम अंतरिम व्यापार समझौते के लिए कानूनी मसौदा तैयार करने रविवार को वॉशिंगटन जाने वाली थी, जहां उसे तीन दिन तक वार्ता करनी थी।

यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (आईईईपीए) के तहत देशों पर विशिष्ट जवाबी शुल्क लगाने के अधिकार को रद्द करने के बाद लिया गया। इसके बाद ट्रंप ने व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत सभी देशों पर 150 दिन के लिए 10 फीसदी का एकमुश्त शुल्क लगा दिया। ट्रंप ने अन्य कानूनों के तहत नई जांच के आदेश भी दिए जो उन्हें टैरिफ को फिर से लागू करने का अधिकार दे सकते हैं।

गोयल का कहना है कि भारत की कम श्रम लागत और बढ़ती व्यापार पहुंच नए निर्यात अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘आज दुनिया का दो-तिहाई बाजार हमारे लिए खुला है। हमारी श्रम लागत बेहद कम है। इसकी वजह से हमारे लिए तमाम अवसर खुल रहे हैं।’

गोयल ने कहा कि भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद के साथ एफटीए वार्ता शुरू की है और एक महत्त्वाकांक्षी समय सीमा का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, ‘वे मेरे इस सुझाव से चकित थे कि हमें इसे एक साल के भीतर बातचीत पूरी कर लेनी चाहिए।’ मंत्री ने कहा कि भारत जल्द ही चिली के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता करेगा, जिसमें महत्त्वपूर्ण खनिज प्रमुख होगा।

गोयल ने कहा कि भारत की औद्योगिक नीति में गुणवत्ता और सततता पर ध्यान बना रहेगा। उन्होंने इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने कहा, ‘औद्योगिक नीति हमेशा 2 स्तंभों पर टिकी रहेगी- उच्च गुणवत्ता और सततता। हम इनके बिना वैश्विक खिलाड़ी नहीं बन सकते।’

उन्होंने कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य सेमीकंडक्टर्स और उन्नत तकनीकों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास शुरू करना है, जिसमें उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और शोध को समर्थन देना शामिल है।  

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First Published - February 24, 2026 | 11:01 PM IST

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