facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाकर 70% की, मुख्य उद्योगों को प्राथमिकता देने के निर्देशरुपया 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर की मजबूती और एफआईआई बिकवाली से बढ़ा दबावसरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पर एक्साइज 13 से घटाकर 3 रुपये, डीजल पर टैक्स पूरी तरह खत्मप्रशिक्षु योजना में बीच में छोड़ने वालों की संख्या 5 साल में 15 गुना बढ़ी, सरकार के लिए चिंता7 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला जेवर एयरपोर्ट तैयार, मोदी शनिवार को करेंगे उद्घाटनसरकार ने 4% महंगाई लक्ष्य बरकरार रखा, सीपीआई श्रृंखला में निरंतरता का संकेतभारत में नया ‘केजीएफ’ दौर, करीब 80 साल बाद नई सोने की खान से उत्पादन हो रहा शुरूपश्चिम एशिया संकट का कारोबार पर सीमित असर: टीवीएस सप्लाई चेनएमटीआई ने यूरोप में दी दस्तक, डच मोबिलिटी कंपनी ऑटोमिकल का अधिग्रहणनोकिया ने भारत में नेतृत्व ढांचा बदला, समर मित्तल और विभा मेहरा को नई जिम्मेदारी

GST दरों में कटौती से ऑटो स्टॉक्स 7-18% तक उछले, क्या अब थमेगी रफ्तार?

Advertisement

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि होगी। इसके बाद चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री बढ़ेगी

Last Updated- September 16, 2025 | 10:23 PM IST
Auto Stocks

वाहन क्षेत्र में जीएसटी दरों में कटौती समेत कई सकारात्मक बदलावों के कारण विश्लेषक लंबी अवधि के नजरिये से इन कंपनियों के शेयरों पर उत्साहित बने हुए हैं। उनका मानना है कि निकट भविष्य में वाहन शेयरों में संभावित तेजी आ चुकी है। प्रधानमंत्री की जीएसटी संबंधी घोषणा के बाद से वाहन शेयरों में 7-18 फीसदी की तेजी आ चुकी है। हालांकि इस तेजी की वजह से मूल्यांकन कुछ हद तक असहज स्तर पर पहुंच गए हैं।

एचएसबीसी के विश्लेषकों का मानना है कि ये शेयर अल्पाव​धि में सीमित दायरे में बने रहेंगे। उनका कहना है, ‘जीएसटी में कटौती के कारण मांग में तेजी की उम्मीद में 15 अगस्त के बाद से भारतीय ऑटो शेयरों ने बेंचमार्क निफ्टी 50 से काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। हमारे ईपीएस (प्रति शेयर आय) अनुमान में वृद्धि के बाद भी मौजूदा मूल्यांकन काफी मजबूत हैं और दीर्घाव​धि औसत से अधिक हैं।’

क्या इन शेयरों की तेजी पर लगेगा ब्रेक?

पिछले छह महीनों (15 सितंबर तक) में निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने बेंचमार्क और अन्य सेक्टर सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया है। एसीई इ​क्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि एनएसई पर ऑटो इंडेक्स इस दौरान 30.2 फीसदी चढ़ा। इस बढ़त की वजह टीवीएस मोटर कंपनी (54.5 प्रतिशत), हीरो मोटोकॉर्प (49.85 प्रतिशत), अशोक लीलैंड (36.24 प्रतिशत), आयशर मोटर्स (35.60 प्रतिशत) और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (33.54 प्रतिशत) के शेयरों में भारी तेजी आना रही।

इसकी तुलना में निफ्टी 11.93 प्रतिशत बढ़ा है। यह तेजी काफी हद तक इस उम्मीद पर आधारित थी कि जीएसटी दरों में कटौती से वाहन क्षेत्र में मांग संबं​धी सुधार हो सकता है। वाहन क्षेत्र जीएसटी संग्रह में 16 प्रतिशत और विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 49 प्रतिशत का योगदान देता है।

बिक्री और उत्पाद शुल्क में कमी के एक विश्लेषण से पता चलता है कि घरेलू यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री दो साल की अवधि में चार में से तीन बार 20 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक दर (सीएजीआर) से बढ़ती है जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री वृ​द्धि कुछ प्रतिशत अंकों से पीछे रहती है।

इनक्रेड इक्विटीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘आयकर दर में कटौती, वित्त वर्ष 2026 में ब्याज दरों में कमी और वित्त वर्ष 2027 में वेतन आयोग के लाभ जैसे आर्थिक अनुकूल घटनाक्रम को देखते हुए हम वित्त वर्ष 2026 में वाहन बिक्री के अनुमान को 275 आधार अंक तक बढ़ाकर 8.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 के लिए 670 आधार अंक बढ़ाकर 16.7 प्रतिशत कर रहे हैं।’

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि होगी। इसके बाद चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) की बिक्री बढ़ेगी।

विश्लेषकों का कहना है कि इसके अलावा, दुर्लभ मैग्नेट के निर्यात पर चीन का नीतिगत रुख और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ रणनीति जैसे अहम मसले बने हुए हैं।

निवेश की रणनीति

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिक्री/आय में सुधार के बावजूद हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो और आयशर मोटर्स के लिए ‘बेचें’ रेटिंग बरकरार रखी है। हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो की बाजार हिस्सेदारी में कमी और आयशर मोटर्स के महंगे मूल्यांकन से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह रेटिंग बरकरार रखी गई है।

चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी आयशर मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और मारुति सुजूकी की रेटिंग ‘घटाएं’ कर दी। लेकिन महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और अशोक लीलैंड के लिए ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है।

Advertisement
First Published - September 16, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement