facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

फर्जी बैंक गारंटी पर SECI का सख्त रुख, रिलायंस पावर को कारण बताओ नोटिस जारी

सेकी ने पिछले सप्ताह अपनी बोलियों में फर्जी दस्तावेज जमा करने को लेकर रिलायंस पावर और उसकी इकाई रिलायंस एनयू बीईएसएस को उसकी निविदाओं में भाग लेने से रोक दिया था।

Last Updated- November 14, 2024 | 10:27 PM IST
Reliance Power Share Price
Photo: Shutterstock

नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूछा गया है कि फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के लिए कंपनी और उसकी इकाई के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

एजेंसी ने 13 नवंबर को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा है, ‘सूचित किया जाता है कि सेकी ने मेसर्स रिलायंस पावर लिमिटेड और मेसर्स रिलायंस एनयू बीईएसएस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उसमें स्पष्टीकरण मांगा गया है कि धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज जमा कराने के मद्देनजर उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही क्यों नहीं की जानी चाहिए।’

सेकी ने पिछले सप्ताह अपनी बोलियों में फर्जी दस्तावेज जमा करने को लेकर रिलायंस पावर और उसकी इकाई रिलायंस एनयू बीईएसएस को उसकी निविदाओं में भाग लेने से रोक दिया था। इस बीच रिलायंस पावर ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई सूचना में कहा कि वह ‘धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े’ की साजिश का शिकार रही है।

कंपनी ने बैंक गारंटी का इंतजाम करने वाले तीसरे पक्ष के ​खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति भी लगाई है, मगर उसके नाम का खुलासा नहीं किया है। उसने कहा है कि इस संबंध में 16 अक्टूबर 2024 को दिल्ली पुलिस की आ​र्थिक अपराध शाखा में ​शिकायत दर्ज की गई थी।

इस महीने के आरंभ में इस समाचार पत्र ने खबर दी थी कि रिलायंस पावर ने उस निविदा के लिए दो बार अमान्य बैंक दस्तावेज जमा कराए थे। उन दस्तावेजों को जिस ईमेल आईडी के जरिये जमा कराया गया था उसे भारतीय स्टेट बैंक ने फर्जी करार दिया है।

First Published - November 14, 2024 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट