facebookmetapixel
2026 का बजट बाजार के लिए बड़ी घटना नहीं: जियो ब्लैकरॉक एएमसीटैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों से स्मॉलकैप पर दबाव, बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 8 महीने में सबसे नीचेरिटेल निवेशकों को मोटे रिटर्न का इंतजार, मिडकैप-स्मॉलकैप और PMS रिटर्न पर दबावग्लोबल स्तर पर चमकी लैम्बॉर्गिनी: दुनिया में रिकॉर्ड डिलिवरी, पर भारत में बिक्री हल्की फिसलीभारत के EV मार्केट में टोयोटा की एंट्री: पहली इलेक्ट्रिक कार अर्बन क्रूजर एबेला हुई लॉन्च, बुकिंग शुरूEditorial: इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना नाकाफी, DGCA की भूमिका पर सवालउत्तर भारत में वायु प्रदूषण: मानव जनित संकट, अस्थायी उपायों से आगे स्थायी नीति की जरूरतQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतTata Motors का दावा: 2028 तक डीजल ट्रक के बराबर होगी ई-ट्रक की लागत, बदलेगा ट्रांसपोर्ट सिस्टमशराब नीति का संतुलन जरूरी: राज्यों को रेवेन्यू बढ़ाने के साथ स्पष्ट और जिम्मेदार नियमन अपनाना होगा

SEBI New Rules: अफवाहों को लेकर सेबी ने अपनाया सख्त रवैया, कंपनियों के लिए नियम पालन करने की बढ़ाई समयसीमा

सेबी ने सर्कुलर के जरिए लिस्टेड कंपनियों के लिए नए नियमों का पालन करने की समयसीमा को अगले साल तक के लिए बढ़ा दिया है।

Last Updated- October 11, 2023 | 9:34 AM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह सर्कुलर बाजार में उड़ रही अफवाहों पर कंपनियों के द्वारा रुख साफ करने से जुड़े नियमों को लेकर है।

आइए, जानते हैं सेबी के नोटिस के बारे में…

सेबी ने सर्कुलर के जरिए लिस्टेड कंपनियों के लिए नए नियमों का पालन करने की समयसीमा को अगले साल तक के लिए बढ़ा दिया है। बता दें कि निवेशकों की हितों की रक्षा करने के लिए और उन्हें किसी भी अफवाह से बचाने के लिए सेबी ने लिस्टेड कंपनियों को समयसीमा का अनुपालन करने का समय दिया था।

यह भी पढ़ें : आरबीआई की सख्ती ने Debt funds की चिंता बढ़ाई

सर्कुलर के अनुसार, मार्केट कैप के लिहाज से टॉप 100 लिस्टेड कंपनियों के लिए मेनस्ट्रीम मीडिया में रिपोर्ट की गई किसी भी बाजार अफवाह की पुष्टि, खंडन या स्पष्टीकरण की समय सीमा 1 फरवरी, 2024 तक बढ़ा दी गई है।

इससे पहले यह नियम इसी साल 1 अक्टूबर से लागू होने वाला था।

इसी तरह, टॉप 250 लिस्टेड कंपनियों के लिए, नियम 1 अप्रैल, 2024 के बजाय 1 अगस्त, 2024 से लागू होगा।

सोमवार को जारी एक गजट अधिसूचना के अनुसार, इस आशय को देने के लिए, नियामक ने लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं (LODR) नियमों में संशोधन किया है।

इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस नियम का उद्देश्य लिस्टेड कंपनियों के कॉर्पोरेट प्रशासन को मजबूत करना है।

यह भी पढ़ें : PE Investment जुलाई-सितंबर तिमाही में 65% घटकर 1.81 अरब डॉलर रहा

जानें क्या है नया नियम

सेबी के डिस्क्लोजर से जुड़े इस नियम के मुताबिक, नए नियम उन मामलों को देखते हुए बनाए गए हैं जहां किसी खबर के कारण किसी कंपनी के स्टॉक में काफी तेजी के साथ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि ये खबर केवल अफवाह ही निकली और कंपनी के द्वारा खंडन करने के बाद कई निवेशकों को काफी नुकसान हुआ।

सेबी ने नए नियमों में कहा है कि ऐसी कोई खबर आती है जिसकी जानकारी कंपनी ने नहीं दी हौ और ये आम जनता के लिए उपलब्ध न हो लेकिन इसका असर कंपनी के स्टॉक पर देखने को मिल रहा हो तो ऐसी खबर के सामने आने के 24 घंटे के अंदर कंपनी को अपना पक्ष रखना होगा। कंपनी को या तो खबर की पुष्टि करनी होगी या फिर उसे खारिज करना होगा।

इस नियम के पालन करने से अफवाहों पर लगाम लगाई जा सकेगी। साथ ही लोगों को भ्रमित होने से भी बचाया जा सकेगा। कई बार ऐसे मामलें सामने आए हैं कि जब निवेशकों को अफवाहों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि कंपनी ने झूठी खबरों को लेकर समय पर जानकारी नहीं दी।

First Published - October 11, 2023 | 9:34 AM IST

संबंधित पोस्ट