facebookmetapixel
Advertisement
Sugar Price: मॉनसून की मार से चीनी महंगी, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और आगे क्या होगा?कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों? हरदीप पुरी ने बताई वजहInvesco Mutual Fund ने SIF सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया समिट इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?India-EU FTA: 10-12 दिन में पूरी होगी कानूनी समीक्षा, गोयल बोले- साल के अंत तक होगी डील30 चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेश का मौका, 17 जुलाई तक खुला रहेगा MOMF का नया इंडेक्स फंडMirae Asset MF ने उतारे 2 नए मिडकैप फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; प्राइस मोमेंटम वाले शेयरों पर फोकसविदेशी फंड्स में लौटी निवेशकों की दिलचस्पी, 40% रिटर्न और ₹7,600 करोड़ के इनफ्लो ने बदला ट्रेंडSBI Mutual Fund का IPO अगले हफ्ते आ सकता है, ₹11,400 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टModi-Takaichi बैठक में बड़ा फैसला! AI, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस में भारत-जापान मिलकर करेंगे कामRed Bull से Monster तक कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक दावों पर भेजा नोटिस

SEBI ने सोशल मीडिया पर 1,00,000 से ज्यादा भ्रामक सामग्री पकड़ी, निवेशकों को सतर्क रहने की चेतावनी

Advertisement

सेबी ने निवेशकों को सतर्क रहने, यूपीआई सत्यापन व इंटरैक्टिव शिक्षा पहलों के माध्यम से सुरक्षित निवेश की सलाह दी है

Last Updated- October 06, 2025 | 10:16 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि पिछले 18 महीनों में नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 1,00,000 से ज्यादा गैरकानूनी या भ्रामक सामग्री का पता लगाया है। सेबी प्रमुख नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2025 कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे थे।  निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के अपने अभियान के हिस्से के रूप में सेबी ने कई नए उपाय शुरू किए हैं। इनमें पंजीकृत मध्यस्थों को भुगतान के लिए मान्य यूपीआई हैंडल और सेबी चेक सत्यापन टूल शामिल हैं।

नियामक अपनी पहुंच बढ़ाने और अवैध बाजार गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राज्यों की राजधानियों और प्रमुख शहरों में स्थानीय कार्यालय भी खोल रहा है। पांडेय ने निवेशकों को उन धोखेबाजों से सावधान रहने को कहा, जो सुरक्षित निवेश के नाम पर ज्यादा जोखिम वाली योजनाओं के जरिये सतर्क बचतकर्ताओं को निशाना बनाते हैं।

पांडेय ने कहा, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर से जहां बाजार हमारी उंगलियों पर आ गया है, वहीं उसने धोखेबाजों को निवेशकों को धोखा देने के नए साधन भी दिए हैं। मैसेजिंग ऐपों, संदिग्ध ‘फ़िनफ्लुएंसरों’ और फर्जी ट्रेडिंग ऐपों/वेबसाइटों पर अनचाहे संदेश ऐसा वादा करते हैं, जो हमारे बाजार कभी नहीं दे सकते यानी- गारंटीड रिटर्न। 

उन्होंने भारत की कम बाजार भागीदारी दर का भी जिक्र किया और कहा कि वर्तमान में केवल 15 फीसदी शहरी और 6 फीसदी ग्रामीण आबादी ही बाजारों से जुड़ी हुई है। पांडे ने निवेशकों से अपने वित्तीय लक्ष्यों को स्पष्ट करने का आग्रह किया, खास तौर पर इसलिए कि अध्ययनों में डेरिवेटिव खंड में खुदरा को बार-बार घाटा दिखाया गया है। 

पांडेय ने कहा, डेरिवेटिव हेजिंग और जोखिम प्रबंधन के लिए होते हैं, न कि तुरंत लाभ के लिए। इसलिए खुदरा निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना चाहिए, इन अनुबंधों के काम करने के तरीके को समझना चाहिए और सटोरिया कारोबार से बचना चाहिए।

इस बीच, एनएसई ने निवेशक जागरूकता पहलों की श्रृंखला की घोषणा की, जिसमें क्विज, 40 स्थानों पर शिक्षा सत्र और इंटरैक्टिव वित्त खेल शामिल हैं, जिनका मकसकद निवेशकों को घोटालों की पहचान में मदद करना है। एनएसई के चेयरमैन का पदभार संभालने के बाद पहली बार आम लोगों को संबोधित करते हुए श्रीनिवास इंजेती ने इस बात की पुष्टि की है कि एक्सचेंज का लंबे समय से प्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) तय समय पर ही आएगा। उन्होंने कहा, हम सही रास्ते पर हैं। एनएसई की सार्वजनिक सूचीबद्धता का मकसद यह दिखाना है कि वह एक सूचीबद्ध कंपनी से जो अपेक्षाएं रखी जाती है, उन पर खरा उतरता है। यह एक मिसाल कायम करेगा। भले ही यह सूचीबद्ध न हो, लेकिन यह व्यापक स्वामित्व वाली कंपनी है और इसके लगभग 1,80,000 शेयरधारक हैं।

Advertisement
First Published - October 6, 2025 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement