मंगलवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,024 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच शेयर में यह उछाल देखा गया। वहीं, इसी दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स 0.30 फीसदी गिरकर 26,171.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
SBI का शेयर लगातार छह ट्रेडिंग सेशंस से मजबूती दिखा रहा है और इस दौरान इसमें करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले छह महीनों में SBI ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में SBI का शेयर 27 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी 50 में सिर्फ 2.7 फीसदी की तेजी आई है।
शेयर में आई तेजी के चलते SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन अब ₹9.45 ट्रिलियन के आसपास पहुंच गया है। बैंक अब ₹10 ट्रिलियन के ऐतिहासिक आंकड़े से सिर्फ 11 फीसदी दूर है। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए SBI के शेयर का भाव ₹1,100 के स्तर को पार करना जरूरी है।
बैंकिंग सेक्टर में इस समय HDFC Bank सबसे ऊपर बना हुआ है, जिसका मार्केट कैप ₹14.87 ट्रिलियन है। दूसरे नंबर पर ICICI Bank है, जिसका मार्केट कैप ₹10.07 ट्रिलियन है। इन दोनों के बाद SBI तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने SBI को सेक्टर में अपना पसंदीदा BUY स्टॉक बताया है और इसका टारगेट प्राइस ₹1,100 रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक का बिजनेस और कमाई लगातार मजबूत हो रही है, जबकि क्रेडिट कॉस्ट नियंत्रण में है। बैंक को FY26 में 13–14 फीसदी लोन ग्रोथ की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से रिटेल, कृषि और MSME सेगमेंट से आएगी।
SBI की कमाई पर अब ज्यादा दबाव नहीं है। बैंक को लोन और जमा पर जो फायदा (मार्जिन) मिलता है, वह अब लगभग ठीक स्तर पर आ गया है। बैंक को उम्मीद है कि आगे भी उसकी कमाई का मार्जिन 3 फीसदी से ऊपर बना रहेगा।
दिसंबर 2025 में अगर RBI ब्याज दर थोड़ी कम (0.25%) भी करता है, तो इसका SBI पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण यह है कि सरकार और RBI ने CRR में कटौती की है, जिससे बैंक को कुछ राहत मिलेगी और नुकसान की भरपाई हो जाएगी।
SBI के लोन की हालत अभी अच्छी और सुरक्षित बनी हुई है। जिन ग्राहकों के लोन बदले गए हैं (रीस्ट्रक्चर्ड लोन), उन पर बैंक कड़ी नजर रख रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले कुछ सालों में बैंक को बैड लोन से ज्यादा नुकसान नहीं होगा। FY26 से FY28 के बीच लोन पर होने वाला खर्च कम ही रहेगा। इसकी वजह से SBI की कमाई आने वाले समय में हर साल करीब 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ सकती है।
ICICI Securities ने भी SBI के शेयर पर भरोसा जताया है और Q2 नतीजों के बाद इसका टारगेट बढ़ाकर ₹1,120 कर दिया है, जो पहले ₹940 था। ब्रोकरेज ने स्टैंडअलोन बैंक को करीब 1.4 गुना वैल्यूएशन पर आंका है और शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है।
SBI मैनेजमेंट ने FY26 के लिए क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 12–14 फीसदी कर दिया है। बैंक के पास करीब ₹7 ट्रिलियन की मजबूत कॉर्पोरेट लोन पाइपलाइन है, जिसमें से आधी राशि पहले ही मंजूर हो चुकी है। आने वाले समय में रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, कमर्शियल रियल एस्टेट और स्टील सेक्टर से लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे FY27 में भी ग्रोथ बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।