facebookmetapixel
Advertisement
Jio IPO: जियो IPO को मिली हरी झंडी, रिलायंस की AGM में मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलानEPFO Update: 5 साल से पहले PF निकाला तो कितना कटेगा टैक्स? EPFO 3.0 से पहले जान लें जरूरी बातTest हर सुरक्षा चुनौती का समाधान लोगों को मारकर नहीं कर सकते’…..BSE पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश; BUY रेटिंग के सा​थ कवरेज शुरू, 21% अपसाइड का टारगेटMoney Management Tips: महंगाई में अमीर बनने का फॉर्मूला! इक्विटी, गोल्ड और REITs पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्सजियो IPO से पहले Reliance Share पर मोतीलाल की BUY रेटिंग के साथ बड़ा टारगेटNEET री-एग्जाम से पहले Telegram को नहीं मिली राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिकाGold Silver Price Today: सोना 1.50 लाख रुपये से नीचे लुढ़का, चांदी में भी तेज गिरावट; चेक करें आज के रेटइजराइल को जेडी वेंस की दोटूक चेतावनी- ‘हर सुरक्षा चुनौती का समाधान लोगों को मारकर नहीं कर सकते’IT शेयरों में भारी बिकवाली, निफ्टी IT करीब 6% टूटा; इंफोसिस, TCS समेत सभी 10 शेयर लाल निशान में

SBI Fund Raise: इन्फ्रा बॉन्ड के जरिए 10,000 करोड़ रुपये जुटाएगा एसबीआई!

Advertisement

बैंक 5,000 करोड़ रुपये के बेस साइज एवं 5,000 करोड़ रुपये के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ 15 साल के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स जारी कर सकता है।

Last Updated- July 20, 2023 | 10:07 AM IST
SBI Scheme

SBI Fund Raise: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जुलाई महीने के अंत तक 10 हजार करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने (SBI Fund Raise)  की योजना बना रहा है। एसबीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स की बिक्री के जरिए ये फंड जुटा सकता है। इस बारे में बैंक से संबधित सूत्रों ने ईटी को जानकारी दी। ईटी की खबर के मुताबिक बैंक 5,000 करोड़ रुपये के बेस साइज एवं 5,000 करोड़ रुपये के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ 15 साल के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स जारी कर सकता है।

जनवरी में बैंक ने जारी किए थे इन्फ्रा बॉन्ड

इसी साल जनवरी महीने में बैंक ने इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स जारी किए थे, इन बॉन्ड्स की 15-साल की मेच्योरिटी थी। बता तें, ये पहली बार थी जब किसी भी भारतीय बैंक ने 15 साल की मेच्योरिटी अवधि के इस तरह के बॉन्ड जारी किए थे।

फंड जुटाने के लिए क्या है बैंक का प्लान

ईटी के खबर के अनुसार, “बैंक का अनुमान है कि 15 साल के इन्फ्रास्ट्रक्चर ब्रैकेट में अधिक (बॉन्ड्स) इश्यू किए जाने से लंबी अवधि के मेच्योरिटी सेग्मेंट में अधिक फंड जुटाने को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग लिए बेहतर कीमत तय करने में मदद मिलेगी। ”

ये भी पढ़ें- Jio Financial Services: जियो फाइनैंशियल की कीमत पर हर किसी की नजर

क्या होते हैं ये बॉन्ड

इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड लंबी अवधि के डेट इंस्ट्रुमेंट्स होते हैं जिनकी मेच्योरिटी अवधि कम-से-कम सात साल की होती है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, इन इंस्ट्रुमेंट्स का इस्तेमाल इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को कर्ज देने के लिए किया जाता है। ऐसे में बैंकों को कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) और स्टेच्युटरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) को मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है।

Advertisement
First Published - July 20, 2023 | 10:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement