म्युचुअल फंड उद्योग की निकाय एम्फी ने गुरुवार को कहा कि उसने नया बेंचमार्क इंडेक्स पेश करने या इंडेक्स में किसी शेयर को सीमित करने के लिए सेबी को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है। एम्फी ने क हा कि उद्योग किसी एक शेयर की सीमा के मामले में सेबी के दिशानिर्देश का पालन जारी रखेगा।
एम्फी मीडिया में एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कयास लगाए गए हैं कि एम्फी/एएमसी ने नया बेंचमार्क इंडेक्स पेश करने का प्रस्ताव किया है। एम्फी ने एक बयान में स्पष्ट किया कि उसने न तो नया इंडेक्स पेश करने का प्रस्ताव रखा है और न ही इंडेक्स में किसी शेयर की सीमा तय करने का प्रस्ताव।
एम्फी ने कहा, जब म्युचुअल फंड कोई योजना पेश करता है तो फंड हाउस उचित बेंचमार्क का चयन करता है, जो योजना के पोर्टफोलियो के कंपोजिशन को प्रतिबिंबित करता है। एम्फी ने कहा कि प्रदर्शन के मानक पर निश्चित तौर पर चुनौतियां हैं क्योंंकि सूचकांकों में किसी शेयर की सीमा नहीं है, वहीं म्युचुअल फंड योजनाओं के लिए किसी शेयर में निवेश की 10 फीसदी की सीमा है। हालांकि इस मसले को फंड हाउस व इंडेक्स की गणना करने वाली एजेंंसियों के बीच निपटाने की दरकार है। वैश्विक स्तर पर इंडेक्स की गणना करने वाली एजेंंसियां कस्टमाइज्ड सूचकांक तैयार करती हैं, जो फंड के निवेश पर लगी पाबंदी के मुताबिक होती है। सेबी के पास पंजीकृत 44 परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया यानी एम्फी की सदस्य है।