facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

जून तिमाही में म्युचुअल फंड की एयूएम 7 फीसदी बढ़ी

Advertisement

वित्त वर्ष 26 के पहले दो महीनों में इक्विटी फंडों में 43,282 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया।

Last Updated- July 06, 2025 | 10:30 PM IST
Equity MF

भारत के म्युचुअल फंडों की औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) जून 2025 में समाप्त तिमाही में 7 फीसदी बढ़कर 72.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस तरह से उन्होंने पहले की दो तिमाहियों में हुई सपाट वृद्धि को पीछे छोड़ दिया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से शेयर बाजारों में आई तेजी के बल पर पर हुई।

बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 2025-26 (वित्त वर्ष 26) की अप्रैल-जून तिमाही में करीब 5 फीसदी बढ़ा जबकि व्यापक सूचकांकों ने और भी मजबूत रिटर्न दिया। इक्विटी परिसंपत्तियां फंड उद्योग की एयूएम का करीब 55 फीसदी हैं। इस तरह इसकी वृद्धि बाजार के प्रदर्शन से जुड़ी होती है। निवेशकों के मनोबल और फंडों में निवेश का रुझान भी बाजारों के साथ बढ़ता है। वित्त वर्ष 26 के पहले दो महीनों में इक्विटी फंडों में 43,282 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। जून के आंकड़े जल्द ही आने की उम्मीद है। 10 अग्रणी फंड कंपनियों ने एयूएम में बढ़ोतरी मोटे तौर पर पहली तिमाही में उद्योग के औसत के मुताबिक ही दर्ज की।  

देश की सबसे बड़ी परिसंपत्ति प्रबंधक एसबीआई एमएफ की एयूएम 6.4 फीसदी बढ़कर 11.45 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एमएफ (जो सूचीबद्धता की तैयारी कर रहा है) ने 7.5 फीसदी की वृद्धि के साथ 9.84 लाख करोड़ रुपये की एयूएम दर्ज की। सबसे बड़ी सूचीबद्ध एएमसी एचडीएफसी एमएफ की एयूएम 7.22 फीसदी की वृद्धि के साथ 8.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। निप्पॉन इंडिया एमएफ ने एयूएम में सबसे ज्यादा 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और उसकी एयूएम 6.18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। 

Advertisement
First Published - July 6, 2025 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement