facebookmetapixel
Advertisement
MP Farmer Protest: मप्र सरकार ने आंशिक रूप से मानी मांगें, किसानों का प्रदर्शन खत्मITR Filing Alert: अभी तक नहीं भरा ITR? अब 48 घंटे से भी कम बचा है समय, जानें ऑनलाइन फाइल करने का आसान तरीकाभारत की सबसे बड़ी दौलत पर सिर्फ 10 लोगों का कब्जा, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा1 अगस्त से फिलहाल नहीं बदलेंगे ई-वे बिल के नियम, GSTN ने जारी की नई एडवाइजरीअब किराना खरीदने से लेकर बिजली बिल भरने तक होगी कमाई! Google Pay-SBI Card का नया क्रेडिट कार्ड आयाXtranet Technologies IPO Listing: NSE पर 7% प्रीमियम के साथ हुई एंट्री, BSE पर भी निवेशकों को मिला लिस्टिंग गेनLohia Corp Listing: IPO निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! Lohia Corp की दमदार लिस्टिंग, पहले दिन ही ₹500 के ऊपरINDO-MIM Listing: BSE और NSE पर 44% प्रीमियम के साथ हुई दमदार एंट्री, पहले ही दिन शेयर ₹725 के पारCholamandalam vs Tata Capital: किस NBFC पर ज्यादा भरोसा? ब्रोकरेज की राय में कहां कमाई का बेहतर मौका?Rupee vs Dollar: फेड के फैसले के बाद रुपये की बढ़त रही सीमित, शुरुआती कारोबार में 13 पैसे मजबूत

REITs और InvIT में बढ़ रहा म्युचुअल फंडों का निवेश

Advertisement
Last Updated- May 08, 2023 | 10:26 PM IST
NIIF launches $600 million India-Japan fund

​रियल एस्टेट ट्रस्ट (REIT) और इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट्स (InvIT) में म्युचुअल फंडों का निवेश बढ़ा है। कोविड-19 महामारी के बाद से इस निवेश में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है, क्योंकि कई नई योजनाएं इन नए परिसंप​त्ति वर्गों में कुछ आवंटन बरकरार रखे हुए हैं।

प्राइम म्युचुअल फंड्स डेटाबेस (PRIME Mutual Funds Database) द्वारा संकलित आंकड़े से पता चलता है कि म्युचुअल फंडों का रीट और इनविट में निवेश कोविड-19 महामारी के बाद कई गुना बढ़ गया है।

निवेश की वैल्यू मार्च 2020 के अंत में 734 करोड़ रुपये पर थी, जो मार्च 2023 के आ​खिर तक बढ़कर 5,200 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

सूचीबद्ध रीट्स और इनविट में म्युचुअल फंड निवेश तेजी से बढ़ने की संभावना है, क्योंकि 3,200 करोड़ रुपये का नेक्सस सलेक्ट ट्रस्ट रीट आईपीओ इस सप्ताह अ​भिदान (subscription) के लिए खुल रहा है।

रीट्स और इनविट में निवेश करने वाले फंडों की संख्या वर्ष 2020 के 7 से बढ़कर अब 18 पर पहुंच गई है।

आईसीआईसीआई प्रूडें​शियल एमएफ (ICICI Prudential MF) और एचडीएफसी एमएफ (HDFC MF) का निवेश मार्च 2023 के अंत तक सर्वा​धिक था। यह निवेश 2,002 करोड़ रुपये और 1,459 करोड़ रुपये था।

सात गुना तेजी के बाद भी, इन दो परिसंप​त्ति वर्गों में एमएफ निवेश 40 लाख करोड़ रुपये की कुल प्रबंधन अधीन परिसंप​त्तियों (एयूएम) का महज 0.13 प्रतिशत है। रीट्स और इनविट का आकर्षण भारत में भी अन्य विकसित देशों की तरह तेजी से बढ़ रहा है।

Also read: MSCI ने की वेटेज घटाने की बात, गिर गए अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी टोटल के शेयर

विश्लेषकों के अनुसार, एमएफ निवेश में वृद्धि वा​णि​ज्यिक रियल एस्टेट के सुधरते वित्तीय मानकों और बुनियादी ढांचे पर सरकार द्वारा जोर दिए जाने से भी हुई है।

फिसडम (Fisdom) में शोध प्रमुख नीरव करकेरा का कहना है, ‘रीट्स के मामले में, मौजूदा परिसंप​त्तियां मुख्य तौर पर वा​णि​ज्यिक रियल एस्टेट से जुड़ी हुई हैं। यदि आप पिछले पांच साल का आंकड़ा देखें तो पता चलता है कि व्यवसाय धीरे धीरे वर्क फ्रॉम ऑफिस पर केंद्रित होने और मॉल में ग्राहकों की आवक बढ़ने से ऐसी परिसंप​त्तियों का प्रतिफल तेजी से सुधरा है।’

Also read: शेयर कीमतों पर म्यूचुअल फंडों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का दिखा दबदबा

एमएफ नियमों में योजनाओं (इ​क्विटी, डेट, और हाइब्रिड फंड समेत) को अपने पोर्टफोलियो का 10 प्रतिशत तक निवेश रीट्स और इनविट में करने की अनुमति है।

हाल में, एनएसई इंडेक्सेज ने भारत का पहला रीट्स ऐंड इनविट इंडेक्स पेश किया, जिससे म्युचुअल फंडों के लिए सक्रिय रीट और इनविट फंड पेश करने का दायरा बढ़ा है। हालां​कि इस सूचकांक को अब महज कुछ सूचीबद्ध रीट्स और इनविट की मौजूदगी की वजह से दबाव का सामना करना पड़ा है।

रीट्स एमएफ की तरह योजनाएं हैं और ये भूखंड के स्वामित्व वाली फर्म और ट्रस्ट ढांचे की स्थापना से जुड़ी होती हैं। ये कंपनियां कई संप​त्तियों की लीज से संबद्ध हो सकती हैं। रीट्स पारंपरिक तौर पर किसी परिसंप​त्ति पर मालिकाना हक बनाए बगैर पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट हो​ल्डिंग के उपयुक्त तरीके के तौर पर उभरी हैं।

Advertisement
First Published - May 8, 2023 | 10:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement