facebookmetapixel
Advertisement
DXC विवाद में TCS को झटका, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराई, कंपनी पर बढ़ा 7 करोड़ डॉलर का बोझ 2030 तक 5 अरब डॉलर रेवेन्यू का लक्ष्य, बड़े सौदों और AI पर दांव लगाएगी कोफोर्जEditorial: अमेरिका-ईरान समझौते से भारत को राहत, पर चुनौतियां बरकरारहथियार बाजार में बिखराव, भारत के लिए बढ़त बनाने का बड़ा मौकापिछली तारीख से कर वसूली पर बहस: निवेश माहौल के लिए कितना बड़ा खतरा?Rupee vs Dollar: कच्चे तेल में नरमी से रुपये को सहारा, लगातार तीसरे सत्र में बढ़तAI दांव पर बाजार की मुहर, Sarvam में निवेश के बाद 3.6% उछला HCL Tech का शेयरशेयर बाजार में तीसरे दिन भी तेजी, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,000 के करीबऑप्शन स्ट्राइक प्राइस फ्रेमवर्क पर FIA का समर्थन, सेबी को दिए अहम सुझाव4 साल बाद बदली तस्वीर, क्रेडिट रिस्क फंड्स में फिर आने लगा पैसा; बेहतर रिटर्न से बढ़ी निवेशकों की रुचि

2022 में ज्यादातर लार्ज-कैप फंडों का प्रदर्शन रहा कमजोर

Advertisement
Last Updated- January 03, 2023 | 11:55 PM IST
NIIF launches $600 million India-Japan fund

कई वजहों से ज्यादातर सक्रिय लार्ज-कैप म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं ने वर्ष 2022 में अपने बेंचमार्क की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया। इन कारणों में मिडकैप और स्मॉलकैप में इन फंडों के निवेश के कमजोर प्रदर्शन से लेकर अदाणी समूह शेयरों में सीमित निवेश मुख्य रूप से शामिल रहे।

निवेश सलाहकारों और विश्लेषकों का मानना है कि इन शेयरों का प्रदर्शन पिछले साल लार्ज-कैप खंड में शानदार रहा था। वैल्यू रिसर्च के आंकड़े से पता चलता है कि 83 प्रतिशत ऐ​क्टिव लार्जकैप फडों का प्रदर्शन एसऐंडपी बीएसई 100 टोटल रिटर्न्स इंडेक्स (टीआरआई) के मुकाबले कमजोर रहा और 69 प्र​तिशत फंड निफ्टी 100 टीआरआई को मात देने में विफल रहे।

ब्लूमबर्ग के आंकड़े के अनुसार, दो लार्जकैप सूचकांक पिछले साल 6 प्र​तिशत और 5 प्रतिशत के बीच चढ़े। इससे पता चलता है कि 83 प्रतिशत सक्रिय लार्जकैप फंडों ने पिछले साल 6 प्रतिशत से कम प्रतिफल दिया।

प्लान अहेड वेल्थ एडवायजर्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्या​धिकारी विशाल धवन ने कहा, ‘वर्ष 2022 में ज्यादातर प्रतिफल खास शेयरों से हासिल हुआ और अदाणी समूह के शेयर इनमें मुख्य रूप से शामिल थे। ऐ​क्टिव लार्जकैप फंड 20 प्रतिशत तक निवेश मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कर सकते हैं। यह निवेश आवंटन उस ​स्थिति में प्रतिकूल साबित होगा जब मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन लार्जकैप के मुकाबले कमजोर हो।

इसके अलावा, ऐ​क्टिव फंडों के ऊंचे एक्सपेंस रे​शियो से भी प्रतिफल पर दबाव पड़ता है।’अदाणी समूह के शेयर लार्जकैप क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन वाले शेयरों में शामिल रहे। निफ्टी-100 सूचकांक में अदाणी समूह की पांच कंपनियां – अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनोमिक जोन, अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी ट्रांसमिशन, अदाणी ग्रीन, और अदाणी टोटल गैस शामिल हैं। इन सबका मौजूदा समय में निफ्टी में 3.8 प्रतिशत भारांक है।

इनमें से दो कंपनियों – अदाणी पावर और अदाणी एंटरप्राइजेज ने पिछले साल 150 प्रतिशत से ज्यादा प्रतिफल दिया था। हालांकि कई म्युचुअल फंडों ने ऊंचे मूल्यांकन और कर्ज की वजह से इन शेयरों में काफी कम निवेश किया। एक फंड प्रबंधक का कहना है, ‘मुख्य चिंता मूल्यांकन को लेकर है। फंड प्रबंधक के तौर पर हमें निर्धारित प्रक्रिया के हिसाब से चलना होगा।’

यह भी पढ़ें: Google-CCI टकराव : उद्योग की राय जुदा

जेआरएल मनी के मुख्य मार्गदर्शक एवं सह-प्रवर्तक विजयी मंत्री का मानना है कि विदेशी निवेशकों द्वारा बड़ी बिकवाली ऐ​क्टिव फंड प्रबंधकों की निवेश योजनाओं पर पानी फेर सकती है। मंत्री ने कहा, ‘विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से कुछ अच्छे लार्जकैप शेयरों द्वारा भी मजबूत प्रदर्शन किए जाने की संभावना समाप्त हो गई थी। हालांकि इन कंपनियों में फंड प्रबंधकों ने दिलचस्पी दिखाई थी। ’

तुलनात्मक तौर पर, वर्ष 2021 ऐ​क्टिव लार्जकैप फंड प्रबंधकों के लिए बेहतर था। 62 प्रतिशत योजनाओं ने बीएसई-100 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। 2020 में यह आंकड़ा 55 प्रतिशत था और 2019 में सिर्फ 32 प्रतिशत योजनाएं ही शानदार प्रदर्शन करने में कामयाब रहीं। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में लार्जकैप में बेंचमार्क के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना कमजोर पड़ी है।

Advertisement
First Published - January 3, 2023 | 11:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement