facebookmetapixel
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अफवाहों का किया खंडन, आईसीसी के अल्टीमेटम की खबरें निराधारकेरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, AI से चलने वाला डिजिटल न्यायालय सिस्टम लागूएक्स की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट सरकार, अश्लील सामग्री रोकने की दी चेतावनीनेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, दोनों नेताओं ने आतंक से लड़ने का संकल्प लियारविवार 1 फरवरी को आ सकता है साल 2026 का केंद्रीय बजट, CCPA ने रखा प्रस्तावNSO ने जीडीपी ग्रोथ का अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी किया, वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने की आसवर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोरइंडिगो एंटीट्रस्ट जांच के तहत सरकार ने एयरलाइंस से किराए का डेटा मांगाTata Steel का रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन, भारत में कच्चा स्टील उत्पादन पहली बार 60 लाख टन के पारलैब-ग्रो डायमंड बाजार में टाइटन की एंट्री, ‘बीयॉन’ ब्रांड से लीडर बनने की तैयारी

आरबीआई के कदम से बाजार चढ़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 10:59 PM IST

आर्थिक सुधार को सहारा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रीपो दर में बदलाव नहीं किए जाने की खबर से उत्साहित बेंचमार्क सूचकांकों ने आज छह महीने में सबसे बड़ी छलांग लगाई। ओमीक्रोन के ज्यादा घातक नहीं होने की खबर से दुनिया भर के बाजारों में भी लिवाली देखी गई। सेंसेक्स 1,016 अंक चढ़कर 58,649 पर बंद हुआ, जो 21 मई के बाद इसकी सबसे ऊंची छलांग है। दो कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 1,903 अंक या 3.4 फीसदी चढ़ चुका है। इसी तरह निफ्टी भी 293 अंक चढ़कर 17,469 पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों में तेजी से संकेत लेते हुए भारतीय बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही और आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के निर्णय की घोषणा के बाद इसमें जोरदार तेजी दर्ज की गई। अमेरिका के शीर्ष संचारी रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फॉसिस ने कहा कि ओमीक्रोन कोरोनावायरस के पिछले स्वरूपों जितना घातक होने की आशंका नहीं है। लेकिन इसकी गंभीरता का पता लगाने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं। इस बीच ब्रिटेन की दवा कंपनी जीएसके ने कहा कि उसकी एंटीबॉडी आधारित कोविड-19 की दवा ओमीक्रोन पर असरदार है।
निवेशक इससे उत्साहित हैं कि ओमीक्रोन से पिछली लहर की तरह सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यापक असर नहीं पड़ा है। अवेंडस कैपिटल अल्टरनेट स्ट्रैटजीज के मुख्य कार्याधिकारी एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘हमारा बाजार वैश्विक बाजारों के संकेत से चल रहा था। आरबीआई की घोषणा से इसमें और तेजी आई।’
आरबीआई ने आर्थिक सुधार को सहारा देने के लिए रीपो दर 4 फीसदी ही रखने और अपना रुख समायोजन वाला बनाए रखने का निर्णय किया है। आरबीआई ने कहा कि मुद्रास्फीति अब भी उसके तय दायरे में ही है। रिवर्स रीपो दर भी 3.35 फीसदी पर ही ठहरी हुई है।
विश्लेषकों ने कहा कि आरबीआई ने ओमीक्रोन पर अनिश्चितता देखते हुए सतर्क रुख अपनाया है। अगले साल फरवरी में मौद्रिक समिति की अगली बैठक में आक्रामक रुख की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि आरबीआई का रुख महत्त्वपूर्ण है क्योंकि निजी खपत अब भी कोविड-पूर्व के स्तर से नीचे बना हुई है।
अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘मुद्रास्फीति को देखते हुए दर में वृद्घि की आशंका थी और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों का रुख भी सतर्क रहा है। ओमीक्रोन पर भी अनिश्चितता है। ऐसे में धारणा बदलने में देर नहीं लगती। विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं थमती, तब तक धारणा में बदलाव के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।’
बेंचमार्क सूचकांक 18 अक्टूबर के अपने उच्च स्तर से 9 फीसदी नीचे आ चुका था। लगातार दो दिन की जोरदार उछाल के बावजूद यह शीर्ष स्तर से करीब 5 फीसदी नीचे है। मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी ने कहा, ‘आर्थिक आंकड़े सकारात्मक हैं और लोग खरीदारी का बहाना तलाश रहे हैं। जब तक अर्थव्यवस्था सही दिशा में चलेगी बाजार में तेजी बनी रहेगी।’
बीएसई पर 2,329 शेयर लाभ में और 948 शेयर नुकसान में बंद हुए। सेंसेक्स में दो शेयरों को छोड़कर सभी लाभ में रहे।

First Published - December 8, 2021 | 11:08 PM IST

संबंधित पोस्ट