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Manappuram Fin share: RBI ने लोन बिजनेस पर लगाया बैन; शेयर 15% तक टूटा, 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा

Manappuram Fin share: सुबह 09:38 बजे तक, NSE और BSE पर कुल मिलाकर 22 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ और 83 लाख शेयरों के लिए बिक्री ऑर्डर लंबित थे।

Last Updated- October 18, 2024 | 12:23 PM IST
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Manappuram Finance news, RBI: मनप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में आज भारी गिवारट देखी जा रही है। शुक्रवार के इंट्राडे ट्रेड में BSE पर, कंपनी के शेयर 15 प्रतिशत तक टूटकर 150.80 रुपये के भाव पर आ गए। यह इस शेयर का पिछले 11 महीनों का निचला स्तर भी है।

मनप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में भारी गिरावट की वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा इसकी सहायक कंपनी, आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस को लोन देने से रोकना है। कर्ज लेने वालों से अत्यधिक ब्याज वसूलने की वजह से बैंकिंग नियामक ने यह कार्रवाई की है। RBI ने एक बयान में कहा कि पहले से जिन लेनदेन की प्रक्रिया चल रही है उसे पूरा करने के बाद कंपनी पर यह प्रतिबंध 21 अक्टूबर से लागू होगा।

शुरुआती कारोबार में 22 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ

खबर लिखे जाते समय मनप्पुरम फाइनेंस का शेयर 150.80 रुपये के भाव पर ट्रे़ड कर रहा था। यह गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) का 16 नवंबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर था। सुबह 09:38 बजे तक, NSE और BSE पर कुल मिलाकर 22 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ और 83 लाख शेयरों के लिए बिक्री ऑर्डर लंबित थे। इसके मुकाबले, बीएसई सेंसेक्स 0.53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,577 पर था।

RBI ने आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस के लोन बिजनेस पर लगाया बैन

RBI ने कहा कि आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस के लोन बिजनेस को रोकने का निर्णय कंपनी के मूल्य निर्धारण नीति में इसके भारित औसत उधार दर (डब्ल्यूएएलआर) और कोष की लागत पर लगाए गए ब्याज स्प्रेड को देखने के बाद लिया गया है। यह काफी ज्यादा पाई गई और इसमें नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।

मनप्पुरम फाइनेंस ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि RBI ने 17 अक्टूबर 2024 के आदेश में आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस लिमिटेड (AMFL), जो कि कंपनी की एक महत्वपूर्ण सहायक यूनिट है, को 21 अक्टूबर 2024 के व्यापार समापन के बाद से ऋण मंजूरी या वितरण रोकने का निर्देश दिया है।

RBI ने तीन अन्य NBFC को भी लोन देने से रोका

आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस के साथ-साथ, RBI ने आरोहण फाइनैंशियल सर्विसेज, डीएमआई फाइनैंस और फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन बंसल की नावी फिनसर्व पर भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया है। इन कंपनियों को मौजूदा ऋणों की सेवा जारी रखने की अनुमति है, लेकिन नए ऋणों पर प्रतिबंध से व्यापार वृद्धि, आय की गति और परिसंपत्ति गुणवत्ता पर असर पड़ने की संभावना है।

Manappuram फाइनेंस के मूल्यांकन पर पड़ेगा असर

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस, जो मनप्पुरम फाइनेंस की सहायक कंपनी है, इसके कुल परिसंपत्ति प्रबंधन (AUM) में लगभग एक चौथाई का योगदान करती है, इसलिए इससे मूल्यांकन पर असर पड़ने की संभावना है।

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RBI के निर्देशों को जल्द लागू करेगी Manappuram फाइनेंस

मनप्पुरम फाइनेंस ने एक अन्य एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस के बोर्ड ने RBI के निर्देशों को लागू करने और एक समयबद्ध योजना में सुधारात्मक कार्रवाइयों की निगरानी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके अलावा, आशीर्वाद का बोर्ड कंपनी की व्यापक शासन, जोखिम प्रबंधन और नियामक अनुपालन की पूरी समीक्षा करेगा।

मोतीलाल ओसवाल ने Manappuram फाइनेंस को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल’ श्रेणी में रखा

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा, “हम कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत के लिए तत्पर हैं ताकि यह समझ सकें कि NBFC के आरबीआई ऑडिट में क्या सामने आया, आरबीआई ने क्या टिप्पणियां कीं और कंपनी कौन से सुधारात्मक कदम उठाने की योजना बना रही है। इस बीच, हमें लगता है कि यह प्रतिबंध 6 से 9 महीने तक लागू रह सकता है। हम आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस के बिजनेस में कम ऋण वृद्धि और कम ब्याज फैलाव का अनुमान लगाते हैं और FY25/FY26 के लिए अपनी शुद्ध लाभ (PAT) अनुमानों में क्रमशः 9 प्रतिशत/17 प्रतिशत की कटौती कर रहे हैं।”

ब्रोकरेज फर्म ने शेयर को 160 रुपये के संशोधित टारगेट प्राइस पर ‘न्यूट्रल’ श्रेणी में डाउनग्रेड कर दिया है।

First Published - October 18, 2024 | 12:23 PM IST

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