facebookmetapixel
Advertisement
तकनीकी सामंतवाद का खतरा: क्या अब देशों की सरकारों से भी ताकतवर हो रही हैं कॉरपोरेट कंपनियां?Editorial: बिना मंजूरी शुरू हुई परियोजनाओं को नहीं मिलेगी बैकडेट से पर्यावरण क्लीयरेंसबेंगलूरु को पुरानी रंगत लौटाने में जुटे कृष्ण बायरे गौड़ा, क्या बनेंगे प्रशासनिक सुधार की नई पहचान?फ्लिपकार्ट और नेटफ्लिक्स में हुई बड़ी डील, अब प्लस मेंबर्स को महीने में 4 ऑर्डर पर मिलेंगे फ्री प्लानबिल्डर ने समय पर नहीं दिया घर? जानें ‘RERA’ में शिकायत दर्ज करने व मुआवजा पाने का पूरा तरीकामहाराष्ट्र में जमीन धोखाधड़ी होगी खत्म, अब ब्लॉकचेन तकनीक से होगा जमीनों का पंजीकरण और टोकनाइजेशनक्या भारत की विकास दर को रोक देगी भीषण गर्मी? वर्ल्ड बैंक का दावा: अर्थव्यवस्था व नौकरियों पर बड़ा खतराTCS, Tata Power या Tata Steel? टाटा ग्रुप की पांच कंपनियों पर ब्रोकरेज मेहरबान, चेक करें नए टारगेट प्राइसजुलाई की झमाझम बारिश के बाद झटका! अगस्त-सितंबर में कम बारिश का अनुमानShare Market: Sensex 78,000 के पार, Nifty 24,383 के ऊपर… अब आगे क्या होगा?

महंगे ब्रांडों से बढ़ेगा शराब फर्मों के मार्जिन का सुरूर

Advertisement

त्योहारी और शादी-विवाह के सुरूर से वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही में इनके मार्जिन में होगी जोरदार वृद्धि

Last Updated- November 24, 2024 | 9:43 PM IST
liquor ban

वित्त वर्ष 25 की सितंबर तिमाही में अल्कोहलिक बेवरिजेज (अल्कोबेव) खंड ने खर्च वाले उपभोक्ता बाजार में अपनी समकक्ष श्रेणियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। त्वरित-सेवा रेस्तरां (क्यूएसआर), परिधान और फुटवियर जैसे क्षेत्रों में मांग धीमी हो गई लेकिन सूचीबद्ध एल्कोबेव कंपनियों ने मजबूत दम दिखाया है।

क्यूएसआर कंपनियों ने कम मांग के कारण समान-स्टोर बिक्री में 2-10 फीसदी की गिरावट दर्ज की जबकि फुटवियर कंपनियों ने राजस्व में मामूली 4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। भारतीय मानक ब्यूरो से बिना प्रमाणित जूता-चप्पलों का ढेर कम करने और ज्यादा छूट के कारण प्रमुख फुटवियर फर्मों का सकल मार्जिन कम था। खुदरा और परिधान कंपनियां भी बाजार के अनुमान से चूक गईं और उनकी राजस्व वृद्धि छह तिमाहियों में सबसे कम रही।

इसके विपरीत यूनाइटेड स्पिरिट्स (यूएसएल) को छोड़ दें तो अग्रणी सूचीबद्ध एल्कोबेव कंपनियों ने 16 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 11 फीसदी की औसत राजस्व वृद्धि दर्ज की। इलारा सिक्योरिटीज ने त्योहारी सीज़न, क्रिसमस, नए साल और मौजूदा शादी-विवाह के सीज़न के कारण वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही के लिए मजबूत अनुमान पेश किया है।

इस तिमाही में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले रेडिको खेतान ने 21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। यह कंपनी 8पीएम ग्रेन ब्लेंडेड व्हिस्की, मैजिक ममेंट्स (वोदका), कॉन्टेसा रम और ओल्ड एडमिरल ब्रांडी जैसे ब्रांडों के लिए जानी जाती है। उसने प्रेस्टीज ऐंड एबव (पीऐंडए) सेगमेंट में वॉल्यूम वृद्धि बरकरार रखी, जो सुस्त आर्थिक माहौल के बावजूद सालाना आधार पर 13 फीसदी ज्यादा है।

प्रीमियम के मौजूदा चलन और कच्चे माल व पैकेजिंग लागत के स्थिर रहने के कारण सकल मार्जिन में क्रमिक आधार पर 258 आधार अंकों (बीपीएस) का सुधार हुआ। एक साल पहले की इसी तिमाही की तुलना में शीशे की कीमतों में 4-5 फीसदी की कमी आई है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने 2025-26 और 2026-27 के लिए कंपनी की कमाई का अनुमान 4-5 फीसदी बढ़ा दिया है। ब्रोकरेज ने राजस्व में 15 फीसदी वृद्धि, परिचालन लाभ में 26 फीसदी की वृद्धि और शुद्ध लाभ में 35 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया है। कंपनी और सेक्टर की वृद्धि को गति देने वाले प्रमुख कारकों में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अनुकूल नीतिगत कदम शामिल हैं। कर्नाटक ने हाल में उत्पाद शुल्क में कमी की है। निजी कंपनियों को आंध्र प्रदेश की शराब नीति से लाभ होगा।

ब्रोकरेज के एक शोध विश्लेषक विशाल गुटका के अनुसार बढ़ोतरी को गति देने वाले अन्य कारकों में उच्च-मार्जिन वाले लक्जरी/प्रीमियम सेगमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित करना, माल्ट क्षमता को दोगुना करना, कच्चे माल की कीमतों में नरमी और लागत को बेहतर करना शामिल है।

देश की सबसे बड़ी स्पिरिट निर्माता और रॉयल चैलेंज व्हिस्की, एंटिक्विटी ब्लू, बैगपाइपर, सिग्नेचर और जॉनी वॉकर जैसे ब्रांडों की मालिक यूएसएल के लिए उच्च आधार और वॉल्यूम में 4.5 फीसदी की गिरावट के कारण शुद्ध राजस्व सालाना आधार पर थोड़ा कम रहा। हालांकि कंपनी ने अपने सकल मार्जिन में 180 आधार अंक (बीपीएस) का सुधारकर इसे 45.2 फीसदी पर पहुंचा दिया। इसके साथ ही अन्य खर्चों में कमी के परिणामस्वरूप परिचालन लाभ मार्जिन में सालाना आधार पर 140 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई और यह 17.8 फीसदी पर पहुंच गया।

निर्मल बांग रिसर्च के विश्लेषक कृष्णन सांबामूर्ति और सनी भद्रा का कहना है कि परिचालन के कठिन माहौल के बावजूद एल्कोबेव कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और उनकी राजस्व वृद्धि व कच्चे माल की लागत के रुझान के हिसाब से परिदृश्य सकारात्मक है। ब्रोकरेज ढांचागत वृद्धि की क्षमता को लेकर आशावान हैं।

इसे स्पिरिट बाजार में जारी प्रीमियमीकरण से बढ़ावा मिला है और यूएसएल की बिक्री का 87-88 फीसदी अब पीऐंडए श्रेणी से आ रहा है। नवोन्मेष और रेनोवेशन, टकीला जैसी नई श्रेणी में विस्तार और लोकल ब्रांडों व स्टार्टअप में निवेश की यूएसएल की हालिया कोशिशों से लंबी अवधि के वृद्धि परिदृश्य में इजाफा हुआ है।

बीयर सेगमेंट में अग्रणी यूनाइटेड ब्रुअरीज ने पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में बिक्री में 12 फीसदी और परिचालन लाभ में 23 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। प्रमुख राज्यों में भारी बारिश के कारण परिवहन व्यवधानों के बावजूद वॉल्यूम में 5 फीसदी का इजाफा हुआ। किंगफिशर अल्ट्रा, अल्ट्रा मैक्स और हाइनकेन सिल्वर के कारण कंपनी के प्रीमियम सेगमेंट में वॉल्यूम में 27 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।

यूबीएल ने वॉल्यूम-आधारित वृद्धि और प्रीमियम बीयर बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने पर ध्यान देना जारी रखा है। अपने प्रीमियम सेगमेंट को और आगे बढ़ाने के लिए कंपनी ने भारत में एम्स्टेल ग्रांड ब्रांड लॉन्च किया। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने 2023-24 से वित्त वर्ष 27 तक 12 फीसदी सालाना राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसकी वजह ऊंचे एक –अंक में वॉल्यूम वृद्धि है। ब्रोकरेज ने सीमित नकारात्मक जोखिम का हवाला देते हुए स्टॉक को ‘बिकवाली’ से ‘तटस्थ’ में अपग्रेड कर दिया है।

Advertisement
First Published - November 24, 2024 | 9:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement