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NSE IPO का रास्ता साफ होने की उम्मीद, सेबी चेयरमैन का बड़ा बयान; कहा- लंबित मामलों का जल्द होगा निपटारा

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NSE IPO: एनएसई वर्ष 2016 से ही पब्लिक होने की कोशिश कर रहा है। इसके जरिये मौजूदा शेयरधारकों की 22% शेयर बेचकर बिक्री पेशकश के जरिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की योजना थी।

Last Updated- May 22, 2025 | 3:28 PM IST
NSE Tick Size

NSE IPO: एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट आया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने गुरुवार को विश्वास जताया कि एनएसई आईपीओ से जुड़े सभी लंबित मामले जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे। एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का प्रस्ताव सेबी के पास लंबित है। दरअसल मार्केट रेगुलेटर ने इसको लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं।

उद्योग मंडल एसोचैम की तरफ आयोजित कार्यक्रम से इतर पर पांडेय ने पत्रकारों से कहा, ‘‘सभी लंबित मुद्दों का समाधान किया जाएगा और हम आगे बढ़ेंगे…एनएसई और सेबी बातचीत कर रहे हैं। वे मुद्दों का समाधान कर रहे हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह मामला सुलझ जाएगा।” यह पूछे जाने पर कि मुद्दे कब सुलझेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई समयसीमा नहीं बता सकता लेकिन हम जल्द ही इसे (हल) कर लेंगे।’’

2016 से IPO लाने की कोशिश कर रहा NSE

दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज को संभालने वाला एनएसई वर्ष 2016 से ही पब्लिक होने की कोशिश कर रहा है। इसके जरिये मौजूदा शेयरधारकों की 22 प्रतिशत शेयर बेचकर बिक्री पेशकश के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अनसुलझे कानूनी मामले और शासन संबंधी चिंताएं जैसी नियामक बाधाओं के चलते एनएसई अपना आईपीओ नहीं ला पा रहा है। दूसरी तरफ, एनएसई का घरेलू प्रतिद्वंद्वी बीएसई लिमिटेड पहले से ही लिस्टेड है।

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हालांकि, कंपनी संचालन और ‘को-लोकेशन’ मामले से जुड़ी नियामक चिंताओं के कारण सेबी ने मंजूरी नहीं दी थी। तब से एनएसई ने मंजूरी के लिए कई बार सेबी का रुख किया है। एनएसई ‘को-लोकेशन’ से मतलब ऐसी सुविधा से है, जहां कारोबारी सदस्य अपने सर्वर को एक्सचेंज के परिसर में रख सकते हैं। इससे बाजार के आंकड़ों और ऑर्डर एग्जीक्यूशन तक पहुंच फ़ास्ट हो जाती है। इस सुविधा का कुछ ब्रोकर की तरफ से कथित रूप से लाभ उठाने को लेकर एनएसई जांच के घेरे में आई थी।

अगर एनएसई बाजार में लिस्ट हो जाती है तो वह भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय स्टेट बैंक, मॉर्गन स्टेनली और कनाडा पेंशन योजना निवेश बोर्ड जैसे प्रमुख शेयरहोल्डर्स को बाहर निकाल सकती है।

सेबी ने क्या कहा?

सेबी ने एनएसई के आईपीओ पर विचार करने के लिए एक आंतरिक समिति के गठन की मार्च में घोषणा की थी और बाजार नियामक ने एनएसई से सभी मुद्दों को हल करने के लिए कहा था। एनएसई का वैल्यूएशन करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये है। ‘2024 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया’ 500 लिस्टेड एवं नॉन लिस्टेड कंपनियों के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार पहले से ही देश की 10वीं सबसे वैल्युएबल निजी कंपनी है।

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First Published - May 22, 2025 | 3:06 PM IST

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