सरकार ने आम बजट 2026 से पहले बुधवार को जीडीपी ग्रोथ पर पहला अग्रिम अनुमान जारी किया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था के 2025-26 में 7.4 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है, जो पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 6.5 फीसदी की वृद्धि से ज्यादा है। यह तेजी मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन के कारण रहने की उम्मीद है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में करीब 7 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।
मंत्रालय ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) की अनुमानित 7.3 फीसदी वृद्धि में सर्विसेज सेक्टर की मजबूत वृद्धि की प्रमुख भूमिका रही है।” हालांकि, आंकड़ों के मुताबिक, कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के साथ-साथ ‘बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य जन केंद्रित सेवा’ सेक्टर्स में चालू वित्त वर्ष के दौरान वृद्धि अपेक्षाकृत मध्यम रहने का अनुमान है।
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मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद (नॉमिनल जीडीपी) के 2025-26 में 8 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है। राष्ट्रीय आय के अग्रिम अनुमानों का इस्तेमाल केंद्रीय बजट की तैयारी के लिए किया जाता है। वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किए जाने की संभावना है।
(PTI इनपुट के साथ)