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भारतीय बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है कमजोर : क्रिस वुड

Last Updated- December 12, 2022 | 1:43 AM IST

जेफरीज के वैश्विक प्रमुख (इक्विटी रणनीतिकार) क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि अगर फेडरल रिजर्व के कदम से वैश्विक स्तर पर जोखिम पैदा होता है तो भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रह सकता है। हालांकि वुड यहां के बाजार को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं और भारतीय इक्विटी में अपना आवंटन दो आधार अंक बढ़ाया है।
अभी वुड का एशिया (जापान को छोड़कर) थिमेटिक पोर्टफोलियो (लंबी अवधि) का 31 फीसदी भारत में निवेशित है और निवेश वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, गोदरेज प्रॉपर्टीज और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।

वुड ने निवेशकों को लिखे साप्ताहिक नोट ग्रीड ऐंड फियर में कहा है, ग्रीड ऐंड फियर ढांचागत तौर पर भारतीय बाजार को लेकर सकारात्मक बना हुआ है जबकि मूल्यांकन 12 महीने आगे की आय का 21.5 गुना है। जुलाई में वुड ने 16 शेयरोंं के साथ इंडिया लॉन्ग ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो पेश किया था, जिनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बजाज फाइनैंस, आरआईएल, ओएनजीसी, मारुति सुजूकी इंडिया और जुबिलैंट फूडवक्र्स शामिल है।
उनके मुताबिक, भारतीय इक्विटी के लिए सबसे बड़ा जोखिम कोविड के नए संस्करण का आगमन है, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह देश बाकी दुनिया को भी इसे साझा कर रहा है। उनके मुताबिक, अन्य जोखिम भारतीय रिजर्व बैंक के नीति में बदलाव है।

वुड ने कहा, भारत को लेकर तेजी का नजरिया जारी रखने के संकेत केतौर पर ग्रीड ऐंड फियर इस हफ्ते अपने भारांक में दो आधार अंक का इजाफा कर रहा है, जो चीन व हॉन्गकॉन्ग से बचाई गई रकम के कारण हो रहा है। अगर फेड के कदमों से भारत में तेज गिरावट आती है तो इस भारांक में और बढ़ोतरी की जाएगी। 
फेडरल रिजर्व ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के बाद हाल में जारी मिनट्स के कारण पिछले कुछ दिनों से वैश्विक वित्तीय बाजारों पर चोट पड़ी है। इस बैठक में संकेत दिया गया था कि 120 अरब डॉलर प्रति माह बॉन्ड खरीदने का कार्यक्रम उम्मीद से पहले बंद किया जा सकता है। बाजार के नजरिये से देखें तो इस कार्यक्रम के बंद होने पर इक्विटी प्रभावित हो सकती है और यह ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल को आगे बढऩे की वजह दे सकता है।

राबोबैंक इंटरनैशनल के वरिष्ठ अमेरिकी रणनीतिकार फिलिप मॉरे ने कहा, ऐसा लगता है कि बॉन्ड खरीद कार्यक्रम बद करने पर अलग-अलग राय ने फेडरल मार्केट कमेटी के भागीदारों को इस पर बहुत ज्यादा बातचीत करने से रोका है। यह बताता है कि जैकसन होल मीटिंग इस पर जल्द हो सकता है और सितंबर में होने वाली एफओएमसी की बैठक शुरुआती चेतावनी के संकेत दे सकता है।
बोफा सिक्योरिटीज की तरफ से अगस्त में वैश्विक फंड मैनेजरोंं के बीच हुए सर्वेक्षण से पता चलता है कि 84 फीसदी फंड मैनेजरों को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बॉन्ड खरीद कार्यक्रम बंद करने का संकेत साल के अंत तक दे सकता है। बोफा सिक्योरिटीज के मुताबिक, अग्रणी वैश्विक फंड मैनेजरों की तरफ से उभरते बाजारों की इक्विटी में आवंटन माह दर माह 11 फीसदी घटकर महज 3 फीसदी रह गया।

First Published - August 21, 2021 | 9:47 AM IST

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