रूस और यूक्रेन की मौजूदा भूराजनीतिक स्थिति के चलते दुनिया भर में उतारचढ़ाव में हुए इजाफे ने सोने व चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी की है, जिन्हें निवेश का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।
पिछले एक महीने में सिल्वर फंडों ने 7.34 फीसदी रिटर्न दिया है, वहीं गोल्ड फंडों ने औसतन 6 फीसदी का रिटर्न प्रदान किया है। इसकी तुलना में बेंचमार्क निफ्टी पिछले एक महीने में 4 फीसदी टूटा है। फंड मैनेजरों ने कहा कि कीमती धातुएं महंगाई के खिलाफ और भूराजनीतिक अनिश्चितता के चरणों में अच्छी हेजिंग के तौर पर कारगर मानी जाती हैं। इसके अलावा ब्याज दरों के साथ विपरीत सह-संबंध के कारण कीमतें उच्चस्तर पर बने रहने की गुंजाइश है क्योंंकि वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की यात्रा शुरू कर दी है।
पहले निवेशकों को सिर्फ गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों में निवेश की अनुमति थी, लेकिन हाल में बाजार नियामक सेबी ने फंड हाउस को सिल्वर ईटीएफ पेश करने की इजाजत दी है।
जनवरी व फरवरी में विभिन्न देसी म्युचुअल फंड हाउस ने सिल्वर ईटीएफ व फंड ऑफ फंड्स की छह योजनाएं पेश की हैं।
क्वांटम म्युचुअल फंड के वरिष्ठ फंड मैनेजर (ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स) चिराग मेहता ने कहा, यूक्रेन संकट ने अमेरिका, रूस और चीन के बीच नया सुपरपावर संघर्ष शुरू कर दिया है। इसका नतीजा यह हो सकता है कि चीन भी रूस के कदमों का अनुपालन करते हुए ताइवान में यूक्रेन जैसी कार्रवाई दोहरा सकता है। ऐसे में हम भूराजनीतिक जोखिम प्रीमियम से इनकार नहीं कर सकते, जो सोने की कीमतों के तौर पर मजबूत होता है। साथ ही प्रतिबंध की अपनी सीमाएं हैं, जो विश्व रूस पर लगा सकता है और वह भी खुद को चोट पहुंचाए बिना क्योंकि वैश्विक जिंस बाजारों में रूस की अहम भूमिका है। इसके परिणामस्वरूप होने वाला उतारचढ़ाव व अनिश्चितता सोने को प्रासंगिक बनाए रखेगा।
पिछले एक साल में कई गोल्ड ईटीएफ ने करीब 20 फीसदी रिटर्न दिया है, वहीं पिछले छह महीने में इसका रिटर्न करीब 13.5 फीसदी रहा है। यह जानकारी वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से मिली।
म्युचुअल फंड के प्रतिभागियों ने कहा कि चांदी कई गुणों से लैस धातु है क्योंंकि उसका इस्तेमाल कई क्षेत्रों मसलन अक्षय ऊर्जा, उद्योगों व इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा आभूषण में होता है। साथ ही यह निवेश का जरिया भी है। जिंसों में निवेश करने पर विचार कर रहे निवेशक ऐसी योजनाओं में 10-15 फीसदी का निवेश कर सकते हैं।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के प्रमुख (प्रॉडक्ट डेवलपमेंट व रणनीति) चिंतन हरिया ने कहा, भूराजनीतिक संकट के कारण जितने लंबे समय तक अनिश्चितता बनी रहेगी, पीली धातु मजबूत बनी रहेगी। निवेशक के नजरिये से उन्हें सोने को परिसंपत्ति आवंटन के हिसाब से देखना चाहिए क्योंकि पीली धातु वित्तीय परिसंपत्तियोंं में उतारचढ़ाव के खिलाफ हेजिंग का काम करता है।