facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Demat Account: निवेशकों का उत्साह बरकरार, 47 लाख नए डीमैट खाते खुले

नए डीमैट खाते, नकदी व एफऐंडओ में ट्रेडिंग टर्नओवर ने जनवरी में नए रिकॉर्ड बना डाले

Last Updated- February 06, 2024 | 11:08 PM IST
NSE

Demat Account: अगर नए डीमैट खाते और ट्रेडिंग वॉल्यूम में हुई बढ़ोतरी को संकेतक मानें तो 4.6 लाख करोड़ डॉलर वाले देसी इक्विटी बाजारों में निवेशकों की धारणा उत्साहजनक बनी हुई है। रोजाना औसत कारोबार और नए डीमैट खातों के जुड़ाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। 

ब्रोकिंग उद्योग ने रिकॉर्ड 47 लाख नए खाते जोड़े और इस तरह से पिछले महीने के 41 लाख के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसी तरह नकदी व डेरिवेटिव सेगमेंट (एनएसई व बीएसई) में रोजाना औसत कारोबार 1.23 लाख करोड़ रुपये व 460 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित रिकॉर्ड को छू गया।

गतिविधियों में बढ़ोतरी द्वितीयक व प्राथमिक बाजारों में उत्साह को सही ठहराता है। प्रमुख सूचकांकों ने जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ और दो दर्जन से ज्यादा आईपीओ मुख्य एक्सचेंज व एसएमई प्लेटफॉर्म पर पेश हुए। 

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के सीईओ (ब्रोकिंग व डिस्ट्रिब्यूशन) अजित मेनन ने कहा, तेजी की पृष्ठभूमि में बाजार में खासी रफ्तार है, जो बजट पूर्व व सत्ता की निरंतरता की उम्मीद में देखी गई। वॉल्यूम लगातार मजबूत बनी रहेगी। साथ ही मिड व स्मॉलकैप में तेजी बनी हुई है, जो नकदी वॉल्यूम में प्रतिबिंबित हुई है। जब तक कि बड़ी गिरावट नहीं आती, नकदी वॉल्यूम में कमी की कोई संभावना नजर नहीं आती।

ट्रेडिंग गतिविधियों में तेजी रही जबकि विदेशी फंडों ने खासी निकासी की। जनवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने नकदी बाजार से 3 अरब डॉलर से ज्यादा निकाले, जो 12 महीने का सर्वोच्च आंकड़ा है। बेंचमार्क सेंसेक्स व निफ्टी जनवरी में मामूली नीचे रहा, लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सू चांकों में क्रमश: 5.2 फीसदी व 5.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट्ट ने कहा, देसी खरीदारों की बाजारों में खासी भागीदारी रही। वे एफपीआई की बिकवाली की भरपाई में सक्षम हैं। कोविड के बाद कई निवेशकों ने कमाई की है, जो सकारात्मक रफ्तार को बनाए रखने में मदद कर रहा है।

उद्योग के प्रतिभागियों ने कहा कि कई निवेशक सुरक्षित म्युचुअल फंड के जरिये निवेश के बजाय सीधे निवेश का विकल्प चुन रहे हैं, इस उम्मीद में कि बाजारों में बढ़ोतरी जारी रहेगी। 

कोटक सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक जयदीप हंसराज ने कहा, अब बचत से निवेश ओर लोग बढ़ रहे हैं, चाहे वह म्युचुअल फंड के जरिये हो या फिर सीधे शेयर खरीद के जरिये। निवेशक बाजारों को लेकर खासे आशावादी हैं। मौजूदा सत्ता के कायम रहने और आर्थिक वृद्धि की उम्मीद बाजारों में गतिविधियां और बढ़ाएगी, लिहाजा वॉल्यूम में भी इजाफा होगा।

हालांकि गतिविधियों में तेजी ऐसे समय में आई है जब स्मॉलकैप में काफी बढ़े मूल्यांकन को लेकर चिंता है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीईओ धीरज रेली ने कहा, मिडकैप, स्मॉलकैप और पीएसयू शेयरों में गैर-समानुपाती गतिविधियां हो रही हैं, जो वॉल्यूम में इजाफा कर रहा है। कई ट्रेडर पोजीशन ले र हे हैं और तेजी से मुनाफावसूली कर रहे हैं।

निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में पिछले एक साल में क्रमश: 60 फीसदी व 74 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसकी तुलना में  निफ्टी-50 में 23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

First Published - February 6, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट