facebookmetapixel
Budget 2026: डेट फंड, गोल्ड और होम लोन- एक्सपर्ट्स को बजट में इन सुधारों की उम्मीद2025 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भारत ने बनाया नया रिकॉर्डअपने या परिवार का पुराना बैंक बैलेंस खोजें अब सिर्फ एक क्लिक में, RBI का ये पोर्टल करेगा आपकी मददAngel One पर बड़ी खबर! इस तारीख को स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड पर फैसला, निवेशकों की नजरें टिकीं₹12 लाख करोड़ का ऑर्डर बूम! BHEL, Hitachi समेत इन 4 Power Stocks को ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिकDMart Share: Q3 नतीजों के बाद 3% चढ़ा, खरीदने का सही मौका या करें इंतजार; जानें ब्रोकरेज का नजरिया10 साल में बैंकों का लोन ₹67 लाख करोड़ से ₹191 लाख करोड़ पहुंचा, लेकिन ये 4 राज्य अब भी सबसे पीछेबीमा सेक्टर में कमाई का मौका? मोतीलाल ओसवाल ने इस कंपनी को बनाया टॉप पिकQ3 Results 2026: TCS से लेकर HCL Tech और आनंद राठी तक, सोमवार को इन कंपनियों के आएंगे नतीजेGold Silver Price Today: सोना चांदी ऑल टाइम हाई पर; खरीदारी से पहले चेक करें रेट

भारत में पीई/वीसी फंडिंग बेहतर

Last Updated- December 11, 2022 | 11:35 PM IST

स्टार्टअप समेत भारत के उद्यमों ने देश के आर्थिक आकार के मुकाबले पूंजी आकर्षण के संदर्भ में अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले बढ़त बनाई है।
निजी इक्विटी और जीडीपी के संदर्भ में उद्यम पूंजी फंडिंग भी विकसित देशों से बेहतर रही है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज गु्रप की ट्रैकर इकाई रेफिनिटिव के आंकडे से पता चलता है कि भारत ने वर्ष 2020 में 34.9 अरब डॉलर की निजी इक्विटी फंडिंग आकर्षित की। विश्व बैंक के आंकड़ों के आधार पर यह डॉलर के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत है। वित्त और कैलेंडर वर्ष भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में अलग अलग समय पर समाप्त होने के कारण कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन आंकड़ों से मोटे तौर पर रुझान का अंदाजा मिलने की संभावना है।
ब्राजील, रूस और चीन के लिए यह आंकड़ा 0.17 प्रतिशत है। चीन इन तीनों में सबसे ऊपर है। उसने जीडीपी के 0.37 प्रतिशत के बराबर निजी इक्विटी फंडिंग हासिल की। भारत की निजी इक्विटी फंडिंग विकसित बाजारों के मुकाबले भी ऊंची है। जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका समेत विकसित देशों के लिए आंकड़ा 0.39 प्रतिशत है। वहीं अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 0.99 प्रतिशत है। वर्ष 2020 में महामारी के बीच अंतर बढ़ गया।
समान रुझान उद्यम पूंजी फंडिंग में भी देखा गया है। इससे उन फंडों का पता चलता है जो स्टार्टअप और विकास के दौर से गुजर रही अन्य कंपनियों में निवेश करते हैं। निजी इक्विटी फंडिंग अक्सर ज्यादा मजबूत व्यवसायों से जुड़ी होती है। जीडीपी के मुकाबले भारत की उद्यम पूंजी फंडिंग वर्ष 2020 में 0.42 प्रतिशत थी। ब्राजील, रूस और चीन के लिए यह आंकड़ा जीडीपी का 0.15 प्रतिशत था। वहीं चार विचाराधीन विकसित बाजारों के लिए यह जीडीपी के 0.24 प्रतिशत पर था। भारत के बाद, चीन को ब्रिक प्रतिस्पर्धियों में सबसे मजबूत जगह मिली। उसे वर्ष 2020 में उद्यम पूंजी फंडिंग में जीडीपी के 0.34 प्रतिशत बराबर पूंजी मिली। विकसित देशों में सर्वाधिक आंकड़ा अमेरिका (0.66 प्रतिशत) का था।
कोष में वृद्घि ज्यादा धीमी नहीं रही। भारत को वर्ष 2021 में 33.5 अरब डॉलर की फंडिंग पहले ही मिल चुकी है। यह 2020 कल कुल फंडिंग के 96.1 प्रतिशत है, जबकि दो महीने अभी शेष हैं। चीन की निजी इक्विटी फंडिंग वर्ष 2020 के दौरान 15.7 प्रतिशत तक बढ़कर 63.4 अरब डॉलर को छू गई। अब तक सर्वाधिक आंकड़ा 297.9 अरब डॉलर के साथ अमेरिका का है। यह 2020 के मुकाबले 44.1 प्रतिशत तक ज्यादा है। भारत की उद्यम पूंजी फंडिंग वर्ष 2021 में चीन के मुकाबले तेजी से बढ़ी है। यह 153 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 28.1 अरब डॉलर पर पहुंच गई। चीन की उद्यम पूंजी फंडिंग जहां सिर्फ 21.7 प्रतिशत बढ़ी। वहीं अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 59.6 प्रतिशत बढ़कर 220.7 अरब डॉलर पर रहा। भारत का निवेश आंकड़ा इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे कम-मध्यम आय वाले देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है।

First Published - November 13, 2021 | 12:15 AM IST

संबंधित पोस्ट