facebookmetapixel
Netflix के भारत में 10 साल: कैसे स्ट्रीमिंग ने भारतीय मनोरंजन उद्योग की पूरी तस्वीर बदल दीEditorial: ट्रंप की नई टैरिफ धमकी से भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों पर गहराया संकटट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार‘VB-G Ram Ji’ कानून के बचाव में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री और BJP के नेता, विपक्ष के अभियान को देंगे जवाबApple की बड़ी छलांग: भारत से आईफोन निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार, PLI स्कीम का असरऑफिस से फैक्ट्री तक कर्मचारियों को पहुंचाने पर उबर का फोकस, कंपनी को दिख रहा यहां बड़ा अवसरबड़े दावे, सीमित नतीजे: AI के दौर में भी कई GCC सिर्फ कॉस्ट सेंटर बनकर रह गए, वैल्यू क्रिएशन से कोसों दूरदोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार2032 तक 3-नैनोमीटर चिप बनाएगा भारत, सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की हमारी तैयारी: वैष्णवरिकॉर्ड निवेश और मजबूत रिटर्न: सोना-चांदी की तेजी से 2025 में भी मल्टी-ऐसेट फंडों ने दिखाया जलवा

भारत में पीई/वीसी फंडिंग बेहतर

Last Updated- December 11, 2022 | 11:35 PM IST

स्टार्टअप समेत भारत के उद्यमों ने देश के आर्थिक आकार के मुकाबले पूंजी आकर्षण के संदर्भ में अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले बढ़त बनाई है।
निजी इक्विटी और जीडीपी के संदर्भ में उद्यम पूंजी फंडिंग भी विकसित देशों से बेहतर रही है। लंदन स्टॉक एक्सचेंज गु्रप की ट्रैकर इकाई रेफिनिटिव के आंकडे से पता चलता है कि भारत ने वर्ष 2020 में 34.9 अरब डॉलर की निजी इक्विटी फंडिंग आकर्षित की। विश्व बैंक के आंकड़ों के आधार पर यह डॉलर के संदर्भ में सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत है। वित्त और कैलेंडर वर्ष भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में अलग अलग समय पर समाप्त होने के कारण कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन आंकड़ों से मोटे तौर पर रुझान का अंदाजा मिलने की संभावना है।
ब्राजील, रूस और चीन के लिए यह आंकड़ा 0.17 प्रतिशत है। चीन इन तीनों में सबसे ऊपर है। उसने जीडीपी के 0.37 प्रतिशत के बराबर निजी इक्विटी फंडिंग हासिल की। भारत की निजी इक्विटी फंडिंग विकसित बाजारों के मुकाबले भी ऊंची है। जर्मनी, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका समेत विकसित देशों के लिए आंकड़ा 0.39 प्रतिशत है। वहीं अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 0.99 प्रतिशत है। वर्ष 2020 में महामारी के बीच अंतर बढ़ गया।
समान रुझान उद्यम पूंजी फंडिंग में भी देखा गया है। इससे उन फंडों का पता चलता है जो स्टार्टअप और विकास के दौर से गुजर रही अन्य कंपनियों में निवेश करते हैं। निजी इक्विटी फंडिंग अक्सर ज्यादा मजबूत व्यवसायों से जुड़ी होती है। जीडीपी के मुकाबले भारत की उद्यम पूंजी फंडिंग वर्ष 2020 में 0.42 प्रतिशत थी। ब्राजील, रूस और चीन के लिए यह आंकड़ा जीडीपी का 0.15 प्रतिशत था। वहीं चार विचाराधीन विकसित बाजारों के लिए यह जीडीपी के 0.24 प्रतिशत पर था। भारत के बाद, चीन को ब्रिक प्रतिस्पर्धियों में सबसे मजबूत जगह मिली। उसे वर्ष 2020 में उद्यम पूंजी फंडिंग में जीडीपी के 0.34 प्रतिशत बराबर पूंजी मिली। विकसित देशों में सर्वाधिक आंकड़ा अमेरिका (0.66 प्रतिशत) का था।
कोष में वृद्घि ज्यादा धीमी नहीं रही। भारत को वर्ष 2021 में 33.5 अरब डॉलर की फंडिंग पहले ही मिल चुकी है। यह 2020 कल कुल फंडिंग के 96.1 प्रतिशत है, जबकि दो महीने अभी शेष हैं। चीन की निजी इक्विटी फंडिंग वर्ष 2020 के दौरान 15.7 प्रतिशत तक बढ़कर 63.4 अरब डॉलर को छू गई। अब तक सर्वाधिक आंकड़ा 297.9 अरब डॉलर के साथ अमेरिका का है। यह 2020 के मुकाबले 44.1 प्रतिशत तक ज्यादा है। भारत की उद्यम पूंजी फंडिंग वर्ष 2021 में चीन के मुकाबले तेजी से बढ़ी है। यह 153 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 28.1 अरब डॉलर पर पहुंच गई। चीन की उद्यम पूंजी फंडिंग जहां सिर्फ 21.7 प्रतिशत बढ़ी। वहीं अमेरिका के लिए यह आंकड़ा 59.6 प्रतिशत बढ़कर 220.7 अरब डॉलर पर रहा। भारत का निवेश आंकड़ा इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे कम-मध्यम आय वाले देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है।

First Published - November 13, 2021 | 12:15 AM IST

संबंधित पोस्ट