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वर्ल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट की धूम के बीच​ निवेशक लगाएं सटीक दांव

होटल और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट के शेयर लगा रहे लंबी छलांग

Last Updated- October 04, 2023 | 9:30 PM IST
Be selective in consumption stocks ahead of ICC World Cup, say analysts

विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले उपभोग संबंधित क्षेत्रों जैसे होटल और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) के शेयर लंबी छलांग लगा रहे हैं। विश्व कप क्रिकेट इस टूर्नामेंट की शुरुआत 5 अक्टूबर से हो रही है।

इसके अलावा इस वर्ष के अंत में नई दिल्ली में मिस वर्ल्ड पेजेंट भी आयोजित होने वाला है। इस आयोजन से भी इन क्षेत्रों, खासकर, होटल एवं विमानन शेयरों को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को सटीक दांव ही आजमाने चाहिए और केवल गिरावट में ही इन शेयरों में निवेश किया जा सकता है।

आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज में शोध विश्लेषक शोभित सिंघल कहते हैं, ‘हमें लगता है कि कुछ बड़े आयोजनों के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारत का होटल उद्योग बड़ी तेजी के लिए तैयार हैं। इन आयोजनों में विश्व कप क्रिकेट, मिस वर्ल्ड पेजेंट और विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटल उद्योग में मांग काफी बढ़ने की उम्मीद है।’

इस बीच, एचएलवी ग्रुप, शैले होटल्स, लेमन ट्री होटल्स, द इंडियन होटल कंपनी, ताज जीवीके होटल्स और रॉयल ऑर्किड्स के शेयरों में इस वित्त वर्ष अब तक 12 प्रतिशत से 154 प्रतिशत तक की तेजी आई है। एसीई इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों जैसे इंडिगो और इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) में 25 प्रतिशत तक तेजी आई है। मगर स्पाइसजेट में 9 प्रतिशत तक की कमी आई है।

क्यूएसआर खंड में बारबेक्यू नैशन हॉस्पिटेलिटी, रेस्टॉरेंट ब्रांड्स एशिया, वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड के शेयरों में इस अवधि के दौरान 40 प्रतिशत तक तेजी आई है।
इनकी तुलना में निफ्टी 50 और निफ्टी 500 सूचकांकों में क्रमशः 12 प्रतिशत और 17.8 प्रतिशत तेजी दर्ज की गई है।

सोच-समझ करें खरीदारी

उपभोग से संबंधित क्षेत्रों में आतिथ्य (हॉस्पिटेलिटी) क्षेत्र को लेकर विश्लेषक दीर्घ अवधि के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि सीमित आपूर्ति और सैर-सपाटे एवं कंपनियों के काम से यात्रा आदि की मांग बढ़ने से होटलों में कमरे की औसत किराया दर बढ़ सकती है। विश्लेषकों के अनुसार निकट भविष्य में आतिथ्य क्षेत्र में अक्टूबर-दिसंबर के दौरान मांग काफी अधिक रह सकती है।

इस अवधि में त्योहारों के साथ ही विवाह आदि भी होते हैं और लोग दिसंबर में लोग छुट्टियां मनाने जाते हैं जिनसे मांग स्वतः बढ़ जाती है। अक्सर तीसरी तिमाही में होटलों में कमरों की मांग बढ़ जाती है जिससे किराया भी अधिक हो जाता है।

जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार विश्व कप के मैंचों के समय में कुछ खास होटलों में किराया 150 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। अपनी खास रणनीति के तहत जेफरीज इंडियन होटल्स, लेमन ट्री और शैले होटल्स को लेकर उत्साहित है और उसके अनुसार इन शेयरों में गिरावट आने पर खरीदारी करनी चाहिए।

तेल डाल रहा रंग में भंग

मगर इन बड़े आयोजनों के कारण मांग में बढ़ोतरी पर महंगा तेल पानी फेर सकता है। पिछले तीन महीनों में तेल के दाम में 19 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है। विश्लेषकों को अंदेशा है कि महंगा तेल कहीं न कहीं मौजूदा उत्साह पर असर डाल सकता है।

सैमको सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषक पारूल राव कहती हैं, ‘त्योहारों और विश्व कप क्रिकेट के कारण विमानन क्षेत्र में कारोबार बढ़ा है मगर कुछ संभावित चुनौतियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता। कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच चुका है, जो इस अब तक का इसका उच्चतम स्तर है। कीमतें ऊंचे स्तरों पर यूं ही बनी रहीं तो यह विमानन कंपनियों के मुनाफा अर्जित करने की क्षमता पर असर डाल सकता है।‘

First Published - October 4, 2023 | 9:29 PM IST

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