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5 साल बाद RBI की बड़ी कटौती! स्टॉक्स में कमाई का मौका या बॉन्ड में होगा मुनाफा? जानें कहां करें निवेश

5 साल बाद RBI की रेपो रेट में कटौती से बाजार में हलचल, जानें कौन से सेक्टर देंगे शानदार रिटर्न और कहां करें सही निवेश

Last Updated- February 09, 2025 | 7:41 PM IST
RBI

शुक्रवार को आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 0.25% की कटौती के बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया और ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “एमपीसी ने मिलकर फैसला किया है कि न्यूट्रल रुख जारी रखा जाएगा और महंगाई को काबू में रखते हुए देश की आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।”

शेयर बाजार का हाल

बीएसई सेंसेक्स 300 से ज्यादा अंक गिरकर 77,730 पर आ गया, जबकि निफ्टी50 भी 23,500 के नीचे चला गया। हालांकि, बाद में दोनों ने अपनी गिरावट संभाल ली और दोपहर 12:35 बजे के करीब स्थिर हो गए।

बांड बाजार में असर

10 साल की सरकारी बांड की यील्ड 2% बढ़कर 6.8% पर पहुंच गई।

विशेषज्ञों की राय: आगे कैसा रहेगा ब्याज दरों का रुख?

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों में आगे और कटौती हो सकती है, लेकिन यह धीरे-धीरे होगी। नीति में विकास और मुद्रास्फीति के बीच बेहतर संतुलन का संकेत दिया गया है।

इक्विटी बाजार में कहां करें निवेश?

वेंचुरा सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च विनीत बोलिंजकर ने कहा, आरबीआई द्वारा 5 साल बाद 0.25% की कटौती की गई है। यह कदम बाजार में पहले से अनुमानित था, लेकिन हालिया तरलता बढ़ाने वाले उपायों के साथ यह निवेश को बढ़ावा देगा और खपत चक्र को पुनः शुरू करेगा। बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मैन्युफैक्चरिंग और एनबीएफसी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

एक्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के सीआईओ नवीन कुलकर्णी ने कहा, बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ हाल में धीमी हुई है, लेकिन बजट में की गई घोषणाओं से इसे बल मिलेगा। रेपो रेट कटौती से उन बैंकों को फायदा होगा, जिनका फिक्स्ड रेट पोर्टफोलियो बड़ा है, जैसे क्रेडिट कार्ड, वाहन और गोल्ड फाइनेंस करने वाले संस्थान। फिलहाल हम बजाज फाइनेंस, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट और श्रीराम फाइनेंस को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बांड बाजार में कहां करें निवेश?

कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स के सीईओ लक्ष्मी अय्यर ने कहा, नीतिगत रुख में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में कटौती धीमी गति से होगी। बांड यील्ड सीमित दायरे में बनी रह सकती है और हर बढ़ोतरी पर खरीदारी का मौका देगी।

मिराए एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स और सीआईओ फिक्स्ड इनकम महेंद्र कुमार जाजू ने कहा, आरबीआई द्वारा पर्याप्त तरलता बनाए रखने के संकेत दिए गए हैं, जिससे और ओपन मार्केट ऑपरेशंस की संभावना है। बांड बाजार में दरों में और गिरावट हो सकती है।

एचएसबीसी म्यूचुअल फंड के सीआईओ श्रीराम रामनाथन ने कहा, नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दरों में कटौती की है लेकिन वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए सावधानी भी बरती है। हमें अप्रैल नीति में 0.25% की एक और कटौती की उम्मीद है। बांड यील्ड में गिरावट जारी रहेगी और लंबी अवधि में सकारात्मक रुख बनेगा।

First Published - February 9, 2025 | 7:41 PM IST

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