facebookmetapixel
होम लोन लेते वक्त यह गलती न करें, वरना चुकानी पड़ेगी ज्यादा कीमत; एक्सपर्ट से समझेंभारत ने अमेरिका के बयान को किया खारिज, कहा: PM मोदी ने ट्रंप से 2025 में आठ बार फोन पर बातचीत कीकेंद्र सरकार ग्रोक चैटबॉट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर कर रही विचार, IT मंत्रालय कर रहा समीक्षाQ3 में मुनाफा कम मगर आय वृद्धि को दम: कॉरपोरेट इंडिया की मिली-जुली तस्वीरED छापे के खिलाफ ममता बनर्जी ने निकाली 10KM लंबी रैली, भाजपा और अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोपउत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल की मंडियों में आलू की कीमतें तेजी से गिरीं, किसानों को नहीं मिल रही लागतटैरिफ तनाव से बाजार धड़ाम: सेंसेक्स-निफ्टी में तीन महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटESOP प्रस्तावों पर Groww कर रही विरोध का सामना, गवर्नेंस पर उठे सवालमौसम, मजदूर व लागत की मार: दार्जिलिंग चाय पर गहराया संकट, 2025 में पैदावार और घटने के स्पष्ट संकेतबैंकों में पड़ी लावारिस जमा राशि पर सरकार सख्त, 14 जनवरी से दावे निपटान की रफ्तार का होगा आकलन

बी2बी स्टार्टअप उड़ान के व्यवसाय में शानदार तेजी

Last Updated- December 12, 2022 | 6:26 AM IST

भारत के सबसे बड़े बिजनेस-टु-बिजनेस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उड़ान ने वर्ष 2020 में अपने फूड, लाइफस्टाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायों में शानदार तेजी दर्ज की। इन तीन श्रेणियों में पूरे भारत के 1,350 विक्रेताओं ने योगदान दिया, और पिछले एक साल के दौरान उड़ान प्लेटफॉर्म पर 1-1 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिक्री कारोबार दर्ज किया।
उड़ान के सह-संस्थापक सुजीत कुमार ने कहा, ‘देश की आबादी का करीब 65-70 प्रतिशत हिस्सा ‘भारत’ (टियर-2 और 3 शहरों तथा ग्रामीण इलाकों) में रहता है, जिनकी जरूरतें छोटे किराना स्टोरों और खुदरा दुकानों द्वारा पूरी की जाती है। यह बेहद महत्वपूर्ण है कि ये छोटे रिटेलर ई-कॉमर्स दरों से लाभ हासिल करने के लिए डिजिटल इकोसिस्टम में लाए जाते हैं। यह उड़ान के जरिये संभव हो रहा है और इसे हमने ‘भारत का ई-कॉमर्स’ करार दिया है। हम भारत के छोटे व्यवसायों पर अपनी पहलों के सकारात्मक असर को देखकर बेहद उत्साहित हैं।’
खाद्य व्यवसायों के तहत करीब 700 विक्रेताओं ने 2020 में इस प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ रुपये की बिक्री की। फूड बिजनेस के तहत, 15 लाख किरानों दुकानों (होटल, रेस्तरां और कैफे) द्वारा 50 शहरों से 2.9 करोड़ ऑर्डर दिए गए। उड़ान का दैनिक खाद्य व्यवसाय कारोबार 8,000 टन को पार कर चुका है, जिससे यह देश में सबसे बड़ा ग्रोसरी विक्रेता बन गया है। पिछले 6 महीनों के दौरान फूड श्रेणी में खरीदारों की संख्या में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्घि दर्ज की गई थी। कुल मिलाकर, पिछले दो साल के दौरान खाद्य व्यवसाय में 500 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्घि दर्ज की गई है। कुमार ने कहा कि देश की करीब 90-95 प्रतिशत आबादी अपनी दैनिक खपत के लिए पास के स्टोरों और रिटेल स्टोरों का इस्तेमाल करती है।

First Published - April 1, 2021 | 12:13 AM IST

संबंधित पोस्ट