facebookmetapixel
Netflix के भारत में 10 साल: कैसे स्ट्रीमिंग ने भारतीय मनोरंजन उद्योग की पूरी तस्वीर बदल दीEditorial: ट्रंप की नई टैरिफ धमकी से भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों पर गहराया संकटट्रंप को धन्यवाद कि उनकी वजह से वापस आए सुधार‘VB-G Ram Ji’ कानून के बचाव में उतरेंगे केंद्रीय मंत्री और BJP के नेता, विपक्ष के अभियान को देंगे जवाबApple की बड़ी छलांग: भारत से आईफोन निर्यात पहली बार ₹2 लाख करोड़ के पार, PLI स्कीम का असरऑफिस से फैक्ट्री तक कर्मचारियों को पहुंचाने पर उबर का फोकस, कंपनी को दिख रहा यहां बड़ा अवसरबड़े दावे, सीमित नतीजे: AI के दौर में भी कई GCC सिर्फ कॉस्ट सेंटर बनकर रह गए, वैल्यू क्रिएशन से कोसों दूरदोपहिया उद्योग को 2026 में 9 फीसदी तक की ग्रोथ की उम्मीद, GST कटौती के चलते मांग बढ़ने के आसार2032 तक 3-नैनोमीटर चिप बनाएगा भारत, सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनने की हमारी तैयारी: वैष्णवरिकॉर्ड निवेश और मजबूत रिटर्न: सोना-चांदी की तेजी से 2025 में भी मल्टी-ऐसेट फंडों ने दिखाया जलवा

तेज रफ्तार रेल परियोजना के लिए एडीबी ने किया समझौता

Last Updated- December 15, 2022 | 2:27 AM IST

एशियन डेवलपमेंट बैंंक (एडीबी) ने मंगलवार को कहा कि उसने केंद्र सरकार से 50 करोड़ डॉलर के कर्ज का समझौता किया है, जिसका इस्तेमाल 82 किलोमीटर लंबे आधुनिक, तेज रफ्तार दिल्ली मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) गलियारा तैयार करने में होगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्विटी में सुधार होगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवाजाही सुगम होगी।
इस साल अगस्त महीने में एडीबी की ओर से स्वीकृत 1 अरब डॉलर कर्ज की सुविधा की यह पहली किस्त है। उम्मीद की जा रही है कि इस गलियारे में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार होगी और हर 5 से 10 मिनट पर एक ट्रेन की आवाजाही हो सकेगी। यह गलियारा दिल्ली में सराय काले खां को उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले को जोड़ेगा और यह दूरी करीब एक घंटे में तय हो सकेगी, जबकि अभी 3 से 4 घंटे लगते हैं।

First Published - September 8, 2020 | 11:31 PM IST

संबंधित पोस्ट