facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

US-India Trade Deal: 1 अगस्त के पहले अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं

अगर दोनों देश अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने में असफल रहते हैं तो भारत को 1 अगस्त से 26 प्रतिशत जवाबी कर का सामना करना पड़ सकता है।

Last Updated- July 21, 2025 | 10:16 PM IST
India US Trade Deal

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता अधर में लटक गया है। दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत का अगला दौर अब 1 अगस्त की समय सीमा से आगे खिसक गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि अगले दौर की औपचारिक वार्ता अब अगस्त के दूसरे पखवाड़े में नई दिल्ली में होगी।

अमेरिका के अधिकारियों का एक दल छठे दौर की बातचीत के लिए भारत आएगा। पिछले सप्ताह दोनों पक्षों के बीच वॉशिंगटन में बातचीत का पांचवां दौर पूरा होने के एक महीने बाद यह वार्ता होगी। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष इस समय वर्चुअल संपर्क में हैं और 1 अगस्त के पहले अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

 अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दो अंकों का जवाबी कर लगाने के लिए एक अगस्त अंतिम समय सीमा रखी है। अगर दोनों देश अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने में असफल रहते हैं तो भारत को 1 अगस्त से 26 प्रतिशत जवाबी कर का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के कारण दोनों पक्षों के बीच बातचीत लंबी खिंच रही है। कृषि और डेरी क्षेत्र को लेकर विवाद रहा है, अमेरिका इस क्षेत्र के लिए भारत पर बाजार खोलने के लिए दबाव बना रहा है।

 दबाव के बावजूद भारत ने अपने प्रस्ताव में अब तक कृषि जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र से जुड़ी कई वस्तुओं को समझौते में शामिल करने से परहेज किया है।  वहीं भारत पारस्परिक शुल्क के साथ एल्युमीनियम, स्टील, ऑटोमोबाइल और तांबे पर अतिरिक्त क्षेत्रीय शुल्क से छूट पाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है।

सरकार के अधिकारियों ने इसके पहले संकेत दिए थे कि अगर दोनों पक्ष मतभेद खत्म करने में सक्षम नहीं होते हैं तब भी 2025 के आखिर (सितंबर-नवंबर तक) द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर बातचीत जारी रहेगी। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा, ‘भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत जारी रखेंगे।’

उधर अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि व्यापार साझेदारों के साथ 1 अगस्त के बाद भी चर्चा जारी रहेगी। रविवार को अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने कहा था कि 1 अगस्त नए और उच्च शुल्क के भुगतान के मामले में देशों के लिए अंतिम तिथि बनी रहेगी। लटनिक ने कहा कि 1 अगस्त के बाद भी देशों के साथ बातचीत जारी रखने में कोई व्यवधान नहीं है।

First Published - July 21, 2025 | 10:08 PM IST

संबंधित पोस्ट