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H-1B और L-1 वीजा पर सख्ती: अमेरिकी सीनेटरों ने पेश किया सुधार विधेयक

टेक कंपनियों में छंटनी और H-1B पर 100,000 डॉलर शुल्क के बीच, नया बिल वेतन, नौकरी पोस्टिंग और निगरानी नियमों को और कड़ा करेगा

Last Updated- September 30, 2025 | 2:02 PM IST
H-1B and L-1 visas
Representative Image

अमेरिकी सीनेट न्यायिक समिति के शीर्ष रिपब्लिकन और डेमोक्रेट नेताओं ने H-1B और L-1 वर्क वीजा कार्यक्रमों पर नियम सख्त करने के लिए विधेयक फिर से पेश किया है। उनका कहना है कि बड़े नियोक्ताओं द्वारा इन वीजा का दुरुपयोग रोकने और खामियों को बंद करने के लिए सुधार जरूरी हैं।

समिति के चेयरमैन और आयोवा से रिपब्लिकन सांसद चक ग्रासले तथा इलिनॉय से डेमोक्रेट सांसद डिक डर्बिन ने कहा कि यह बिल वेतन और भर्ती मानकों को बढ़ाएगा, सार्वजनिक नौकरी पोस्टिंग को अनिवार्य बनाएगा और वीजा पात्रता को सीमित करेगा।

यह कदम उस समय उठाया गया है जब ट्रंप प्रशासन ने नई H-1B अर्जी पर 100,000 डॉलर शुल्क लगाया है, जिससे उन कंपनियों में चिंता बढ़ी है जो इस वीजा के जरिए विदेशी प्रतिभा पर निर्भर हैं।

H-1और L-1 वीजा क्यों हैं निशाने पर?

H-1B वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी टेक सेक्टर बड़े पैमाने पर कुशल कामगारों, खासकर भारत और चीन से, को भर्ती करने के लिए करता है। वहीं, L-1 वीजा बहुराष्ट्रीय कंपनियों को विदेश से अपने कर्मचारियों को अमेरिका स्थानांतरित करने की सुविधा देता है।

ग्रासले ने कहा, “कांग्रेस ने H-1B और L-1 वीजा को इसीलिए बनाया था ताकि जब घरेलू स्तर पर प्रतिभा उपलब्ध न हो, तब सीमित संख्या में विदेशी विशेषज्ञों को लाया जा सके। लेकिन गत वर्षों में इनका दुरुपयोग कर सस्ते विदेशी श्रमिकों को अमेरिकी कर्मचारियों की जगह देने के लिए किया गया। कांग्रेस को अब फिर से कदम उठाने होंगे ताकि इन कार्यक्रमों में ईमानदारी लौट सके।”

डर्बिन ने भी कहा कि बड़ी कंपनियां हजारों अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं और साथ ही हजारों वीजा याचिकाएं दाखिल कर रही हैं। “यह अमेरिकी कर्मचारियों के लिए असमान वेतन और खराब कार्य परिस्थितियों को जन्म दे रहा है,” उन्होंने कहा।

यह भी पढ़ें: ट्रंप और नेतन्याहू गाजा युद्ध समाप्त करने की योजना पर सहमत, हमास से 72 घंटे में बंधकों को रिहा करने को कहा

बड़ी टेक कंपनियां घेरे में

सीनेटरों ने बताया कि उन्होंने अमेजन, गूगल (Alphabet), मेटा समेत दस बड़ी कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा है कि वे कर्मचारियों की छंटनी के बावजूद H-1B वीजा पर इतनी निर्भर क्यों हैं।

इस बिल को सीनेटर टॉमी ट्यूबरविल, रिचर्ड ब्लूमेंथल और बर्नी सैंडर्स का भी समर्थन प्राप्त है।

बिल में क्या-क्या बदलाव प्रस्तावित?

विधेयक में नियोक्ताओं के लिए कई नए नियम शामिल किए गए हैं:

  • वेतन और भर्ती आवश्यकताओं को बढ़ाना
  • नौकरियों को अमेरिकी श्रमिकों और H-1B धारकों के लिए श्रम विभाग की वेबसाइट पर पोस्ट करना अनिवार्य
  • श्रम विभाग को 200 नए प्रवर्तन कर्मचारियों के लिए शुल्क एकत्र करने की अनुमति
  • उच्च शिक्षा प्राप्त STEM वर्कर्स को प्राथमिकता
  • “विशेष व्यवसाय” (specialty occupation) की परिभाषा सख्त करना – कम से कम बैचलर डिग्री आवश्यक
  • “नए कार्यालयों” के लिए L-1 याचिकाओं पर प्रतिबंध
  • विदेशी सहयोगियों की जांच में विदेश विभाग से सहयोग बढ़ाना

यदि नियोक्ता वेतन नियम तोड़ते पाए जाते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है या भविष्य की वीजा याचिकाओं से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।

First Published - September 30, 2025 | 2:02 PM IST

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