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UPI-PayNow linkage: UPI भारत की सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली, जल्द ही नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगी – PM मोदी

Last Updated- February 22, 2023 | 11:16 PM IST
UPI payment
BS

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) को भारत की सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली बताया और कहा कि यह जल्द ही नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगी।

UPI और PayNow हुए लिंक

PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सिंगापुर के अपने समकक्ष ली सियन लूंग की मौजूदगी में ‘UPI’ और सिंगापुर की ‘PayNow’ प्रणाली के बीच संपर्क सुविधा की शुरुआत के मौके पर कहा कि भारत की भुगतान सेवा UPI और सिंगापुर की ‘PayNow’ प्रणाली के बीच इस सुविधा की शुरुआत दोनों देशों के संबंधों के लिए एक नया मील का पत्थर है।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया पहला लेनदेन

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2022 में UPI के जरिये 1,26,000 अरब रुपये से अधिक के 74 अरब लेनदेन हुए हैं। उन्होंने कहा कि UPI अब अन्य देशों में भी अपने कदम बढ़ा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास और सिंगापुर मौद्रिक प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक रवि मेनन ने इस सुविधा को शुरू किया। दास ने इस सुविधा के जरिये पहला लेनदेन भी किया।

डिजिटल वॉलेट लेनदेन जल्द ही नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगा- मोदी

मोदी ने कहा, ‘कई विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत का डिजिटल वॉलेट लेनदेन जल्द ही नकद लेनदेन को पीछे छोड़ देगा।’ उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच हुई इस शुरुआत ने ‘सीमापार वित्तीय प्रौद्योगिकी संपर्क (क्रॉस बॉर्डर फिनटेक कनेक्टिविटी)’ का एक नया अध्याय शुरू किया है।

प्रवासी भारतीयों, छात्रों, पेशेवरों को विशेष रूप से लाभ होगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से प्रवासी भारतीयों, छात्रों, पेशेवरों और उनके परिवारों को विशेष रूप से लाभ होगा। उन्होंने कहा, ‘आज के बाद सिंगापुर और भारत के लोग अपने मोबाइल फोन से उसी प्रकार धन का हस्तांतरण कर पाएंगे जैसे वे अपने-अपने देशों में करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘UPI के जरिये इतनी अधिक संख्या में होने वाला लेनदेन यह दिखाता है कि स्वदेशी स्तर पर तैयार यह भुगतान प्रणाली बहुत सुरक्षित है।’

यह उल्लेख करते हुए कि सरकार का ध्यान नवाचार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने पर है, मोदी ने कहा कि सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने ‘जीवन जीने की सुगमता’, ‘कारोबार सुगमता’ और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। साथ ही इससे वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में महत्वपूर्ण सुधार आए हैं।

UPI-ID, मोबाइल नंबर या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) से पैसा होगा ट्रांसफर

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि UPI- PayNow संपर्क सुविधा दोनों देशों की त्वरित भुगतान प्रणाली के उपयोगकर्ताओं को अपने-अपने मोबाइल ऐप के जरिये सुविधाजनक, सुरक्षित, त्वरित और किफायती सीमापार धन हस्तांतरण में सक्षम बनाएगी। इसमें बताया गया कि धन को बैंक खातों या ई-वॉलेट के जरिये UPI-ID, मोबाइल नंबर या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) का उपयोग करके भारत से या भारत में स्थानांतरित किया जा सकता है।

ये बैंक उपलब्ध कराएंगे सुविधा

बयान में कहा गया है कि शुरुआत में भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक लेनदेन (आवक और प्रेषण दोनों) सुविधा प्रदान करेंगे, जबकि एक्सिस बैंक और डीबीएस इंडिया सिर्फ धन आवक की सुविधा प्रदान करेंगे। सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं के लिए, यह सेवा डीबीएस-सिंगापुर और लिक्विड ग्रुप (एक गैर-बैंक वित्तीय संस्थान) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आने वाले समय में इसमें वहां के और बैंकों को शामिल किया जाएगा।

शुरुआत में भारतीय उपयोगकर्ता एक दिन में 60,000 रुपये तक भेज सकेंगे

सिंगापुर स्थित ग्राहक भी बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। शुरुआत में, एक भारतीय उपयोगकर्ता एक दिन में 60,000 रुपये तक (लगभग 1,000 सिंगापुरी डॉलर के बराबर) धन भेज सकता है। इसमें बताया गया कि लेनदेन करते समय प्रणाली उपयोगकर्ता की सुविधा के लिए दोनों मुद्राओं में राशि प्रदर्शित करेगी।

‘यूपीआई-पे नाउ लिंकेज’ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण (एमएएस) और दोनों देशों के भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों जैसे एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और बैंकिंग कंप्यूटर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (बीसीएस) और इसमें शामिल बैंकों/ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के बीच व्यापक सहयोग से संभव हो सका है।

सेवा शुरू होने से पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई

बयान में कहा गया कि यह अंतर-संपर्क तेज, सस्ते तथा अधिक पारदर्शी सीमापार भुगतान के लिए G-20 की वित्तीय समावेशन प्राथमिकताओं के अनुरूप है। इसके अलावा, यह संपर्क सुविधा भारत और सिंगापुर के बीच सीमापार भुगतान के लिए बुनियादी ढांचे के विकास में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। इस सुविधा के शुरू होने से पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, जिसमें आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-सिंगापुर संबंधों को आगे ले जाने में साझेदारी के लिए प्रधानमंत्री ली को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में हो रही G-20 की बैठक में वह उनके साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं। डीबीएस बैंक सिंगापुर की कंट्री हेड शी त्से कून ने कहा, ‘जैसे दुनिया तेजी से वैश्वीकृत हो रही है और आपस में जुड़ी हुई है, हम तेजी से और निर्बाध सीमापार भुगतान सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करने के लिए सामूहिक रूप से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में विश्वास करते हैं।’

शी ने कहा कि भारत विदेशों में धन प्रेषण के लिए डीबीएस के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और यह एसएमई, खुदरा ग्राहकों और विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों के लिए भुगतान समाधान में अतिरिक्त मदद करेगा। उनके पास अब अपने प्रियजनों को घर वापस पैसा भेजने का एक और सुविधाजनक विकल्प आ गया है।

First Published - February 21, 2023 | 6:05 PM IST

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