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रूसी तेल खरीदने पर ट्रंप ने भारत पर लगाया 25% अतिरिक्त शुल्क

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जहां शुरुआती शुल्क 7 अगस्त से प्रभावी होगा, वहीं यह अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद लागू किया जाएगा।

Last Updated- August 06, 2025 | 10:02 PM IST
Trump Tariff

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत से आने वाले सामान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। यह कदम नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की लगातार खरीद के चलते एक सजा के रूप में उठाया गया है। इस फैसले से टेक्सटाइल, समुद्री उत्पाद और चमड़ा जैसे निर्यात क्षेत्रों पर खासा असर पड़ने की संभावना है।

27 अगस्त से लागू होगा अतिरिक्त टैरिफ

ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश उस समय पर हस्ताक्षर किया जब उनकी ओर से लगाए गए पहले टैरिफ के लागू होने में सिर्फ 14 घंटे बचे थे। इस आदेश के बाद, भारत से आने वाले सामान पर कुल टैरिफ (एक छोटी सी छूट सूची को छोड़कर) 50% हो जाएगा। जहां शुरुआती शुल्क 7 अगस्त से प्रभावी होगा, वहीं यह अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद 27 अगस्त से लागू किया जाएगा।

आदेश में कहा गया है, “मुझे यह ज्ञात हुआ है कि भारत सरकार वर्तमान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस (Russian Federation) से तेल का आयात कर रही है। अतः, और लागू कानूनों के अनुरूप, अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% का अतिरिक्त एड वेलोरम (ad valorem) शुल्क लगाया जाएगा।”

Also Read: In Parliament: क्या है भारत का ‘Nuclear Energy Mission’; 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता का है लक्ष्य

रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

भारत अपने कुल कच्चे तेल का लगभग 88% आयात करता है, जिसे रिफाइन करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों में बदला जाता है। 2021 तक भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कुल कच्चे तेल में रूसी तेल की हिस्सेदारी महज 0.2% थी। लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते रूसी तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार दरों की तुलना में छूट पर उपलब्ध होने लगा, जिसे भारतीय रिफाइनरियों ने तेजी से खरीदा। अब रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - August 6, 2025 | 8:04 PM IST

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