facebookmetapixel
ट्रंप का बड़ा दांव: केविन वॉर्श बनेंगे नए फेड चेयरमैन, जेरोम पॉवेल की जगह संभालेंगे अमेरिकी अर्थव्यवस्थासुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मासिक धर्म स्वच्छता अब अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का मौलिक अधिकारGold–Silver Price Crash: क्या 1980 जैसा होगा चांदी का हाल? 1 दिन में भाव ₹88,000 लुढ़के; निवेशक आगे खरीदें या बेचेंBajaj Auto Q3 Results: मुनाफा 25% उछलकर ₹2,749 करोड़ के पार, कमाई में भी जबरदस्त इजाफाUPI से गलत अकाउंट में भेज दिए पैसे? घबराएं नहीं, इन तरीकों से वापस मिल सकती है रकम!Budget 2026: राजकोषीय घाटे से आगे बढ़कर कर्ज पर नजर, डेट-टू-जीडीपी रेश्यो बनेगा नया पैमानासावधान! पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हो रही बड़ी ठगी, ‘रिफंड’ के कॉल आए तो हो जाएं सचेत₹190 तक जाएगा अदाणी का यह शेयर, 40% उछल सकता है दाम; 150 रुपये से कम है शेयर भाव‘सिल्वर बेचना होगी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल’, रिच डैड पुअर डैड के लेखक कियोसाकी ने ऐसा क्यों कहा?2011 का दौर खत्म, 2024 से तय होगी महंगाई, जानिए नई CPI में क्या बदलेगा

इराक, इंडोनेशिया और साउथ कोरिया में प्रदर्शनकारियों ने गाजा पर इजराइली हमलों की निंदा की

साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाये, फलस्तीनी झंडे लहराये और इजराइल विरोधी बैनर भी फहराये।

Last Updated- October 20, 2023 | 7:43 PM IST
Protesters in Iraq, Indonesia and South Korea condemn Israeli attacks on Gaza

गाजा पट्टी में फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने और इजराइल की नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान करने के लिए प्रदर्शनकारी शुक्रवार को जॉर्डन से लगी इराक की सीमा पर एकत्र हुए, जबकि इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में, प्रदर्शनकारियों ने इजराइल के लिए अमेरिकी समर्थन की निंदा करते हुए कई मस्जिदों से अमेरिकी दूतावास तक मार्च किया और इजराइली हवाई हमलों को समाप्त करने की मांग की।

इंडोनेशिया में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन दूतावास से कुछ किलोमीटर दूर संयुक्त राष्ट्र मिशन के सामने और इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय के परिसर में भी हुए।

अधिकारियों का कहना है कि दुनिया के सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश में जुमे की नमाज के बाद पूरे जकार्ता में रैलियां निकाली गईं जिनमें करीब 1,000 लोगों ने भाग लिया।

गत सात अक्टूबर को हमास के लड़ाकों द्वारा किए गए दक्षिणी इजराइल में बर्बर हमलों ने इजराइल को गाजा पर शासन करने वाले चरमपंथी समूह के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने के लिए उकसाया।

इस सप्ताह की शुरुआत में मिस्र के विश्वविद्यालयों, वाशिंगटन में कांग्रेस कार्यालय भवन के अंदर, बोगोटा में इजरायली दूतावास के बाहर और बेरूत में अमेरिकी दूतावास के पास प्रदर्शनों का मुख्य केंद्रबिंदु इजरायल द्वारा फलस्तीनी क्षेत्र की घेराबंदी और उस पर हवाई हमले थे।

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि युद्ध छिड़ने के बाद से गाजा में 4,000 से अधिक लोग मारे गये हैं और 13,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें अधिकतर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हैं।

अधिकारियों के अनुसार 1,000 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हमास के हमले में इजराइल में 1,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकतर आम नागरिक हैं। करीब 200 लोगों को बंधक बनाया गया है।

इजराइल की सेना ने गुरुवार को कहा कि उसने 203 बंधकों के परिवारों को सूचित कर दिया है। इराक में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जॉर्डन के पास पश्चिमी ट्रेबिल सीमा पर जमा हुए। इराक समर्थित शिया राजनीतिक समूहों और इराक के मिलीशिया के गठजोड़ ‘कॉर्डिनेशन फ्रेमवर्क’ ने प्रदर्शन आयोजित किया।

इरान समर्थक गठबंधन ने हमास के खिलाफ जारी जंग को लेकर इजराइल को अमेरिका के समर्थन की निंदा करने के लिए बगदाद में उच्च सुरक्षा वाले अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र के मुख्य द्वार के पास प्रदर्शन का आह्वान किया था जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है।

साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाये, फलस्तीनी झंडे लहराये और इजराइल विरोधी बैनर भी फहराये।

First Published - October 20, 2023 | 7:43 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट