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तेहरान खाली करें! भारतीय दूतावास का अलर्ट, ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान में खतरे के बादल

Israel-Iran conflict: ट्रंप ने ईरान की राजधानी तेहरान को तुरंत खाली करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Last Updated- June 17, 2025 | 11:01 AM IST
Donald Trump

Israel-Iran conflict: ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को तेहरान में सभी भारतीय नागरिकों और जन सूचना अधिकारियों (पीआईओ) को शहर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाने की सलाह दी है। यह अलर्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा चेतावनी दिए जाने के तुरंत बाद आया है।

दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ जो अपने संसाधनों का उपयोग करके तेहरान से बाहर जा सकते हैं, उन्हें शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान की राजधानी तेहरान को तुरंत खाली करने का आह्वान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इजराइल भी दे चुका है चेतावनी

इससे पहले सोमवार को इज़राइल ने तेहरान के लगभग 3 लाख लोगों को हवाई हमलों से पहले शहर खाली करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद इज़राइली सेनाओं ने ईरान के सरकारी टेलीविजन स्टेशन को उस समय निशाना बनाया जब वहां लाइव प्रसारण चल रहा था। दिनभर इज़राइल ने ईरान पर ड्रोन और हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने तड़के मिसाइलों की बौछार कर इज़राइल पर हमला किया, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हुई। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब इज़राइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हमला किया। इस टकराव ने पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है।

इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को दावा किया कि इन हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को “कई साल पीछे” धकेल दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे ट्रंप के साथ रोजाना संपर्क में हैं। इस बीच कनाडा में हो रहे जी-7 सम्मेलन में हिस्सा ले रहे देशों ने इज़राइल-ईरान संघर्ष को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने तनाव कम करने की अपील करते हुए दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध: G7

जी-7 नेताओं ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए वे प्रतिबद्ध हैं और इज़राइल की सुरक्षा का समर्थन करते हैं। उन्होंने आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी बात कही। साथ ही ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंकवाद का मुख्य स्रोत करार दिया और गाज़ा में संघर्षविराम सहित व्यापक स्तर पर शांति बहाली की आवश्यकता जताई।

इस बीच, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेज़सेथ वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मिलने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम पहुंचे हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में युद्धपोत और सैन्य विमान तैनात कर दिए हैं ताकि यदि संघर्ष और बढ़े तो तत्काल जवाब दिया जा सके। हेज़सेथ ने कहा कि ये कदम “अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने” के लिए उठाए गए हैं।

ट्रंप ने कनाडा में जी-7 सम्मेलन के दौरान एक बार फिर जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दिए जाएंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। ईरान को उस समझौते को मान लेना चाहिए था जो उन्होंने पेश किया था। यह “एक शर्मनाक और मानव जीवन की बर्बादी” होगी।

पश्चिम एशिया के हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र बंद

मध्य पूर्व में हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ईरान का पूरा हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, जबकि इज़राइल ने बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को “अगले आदेश तक” बंद कर दिया है। लेबनान और जॉर्डन में स्थिति अराजक बनी हुई है, और इराक के सभी हवाई अड्डे बंद हैं। हजारों लोग फंसे हुए हैं और कुछ इराकी नागरिक अब ज़मीनी रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।

इज़राइल ने चेतावनी दी है कि ईरान से और मिसाइलें आ रही हैं। सेना ने बताया कि उनकी रक्षा प्रणाली उन्हें रोकने के लिए सक्रिय है। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। वहीं इज़राइली जनता का एक बड़ा हिस्सा इन शुरुआती दिनों में अपने देश की सैन्य कार्रवाई का समर्थन करता दिख रहा है, भले ही अभी तक कोई औपचारिक जनमत सर्वेक्षण सामने नहीं आया हो।

First Published - June 17, 2025 | 10:56 AM IST

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