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मालदीव के ‘पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज’ की मरम्मत करवाएगा भारत

हाल ही में भारत और मोदी सरकार के खिलाफ बोलनेवाली मालदीव सरकार के तेवर अब बदल गए है। मालदीव के गृहमंत्री अली इहुसन भारत सरकार की प्रशंसा किए नही थक रहे।

Last Updated- December 10, 2024 | 8:51 PM IST
India gave financial assistance of Rs 30 billion to Maldives; Talks on free trade agreement also started between the two countries भारत ने मालदीव को दी 30 अरब रुपये की वित्तीय सहायता; दोनों देशों में मुक्त व्यापार समझौते पर भी बातचीत शुरू

भारत सरकार अपने पड़ोसी Island देश मालदीव के ‘राष्ट्रीय पुलिसिंग कॉलेज एवं कानून प्रवर्तन’ (NCPLE) की मरम्मत करवाएगा। इसके लिए भारत सरकार ने 85 लाख मालदीव रूपया दिया है। नेशनल कॉलेज फॉर पुलिस एंड लॉ एनफोर्समेंट (National College for Police and Law Enforcement, NCPLE),भारत सरकार द्वारा 222.98 करोड़ रुपये के अनुदान के साथ, मालदीव में भारत द्वारा क्रियान्वित सबसे बड़ी अनुदान परियोजना है। इस परियोजना का उद्घाटन विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मार्च 2022 में अपनी यात्रा के दौरान किया था।

मालदीव के गृह, सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अली इहुसन ने कहा कि माले से लगभग 540 किलोमीटर दक्षिण में अड्डू शहर में ‘राष्ट्रीय पुलिसिंग कॉलेज एवं कानून प्रवर्तन’(NCPLE)के नवीनीकरण के लिए सहायता भारत और मालदीव के बीच विशेष संबंध को दर्शाती है। समाचार पोर्टल ‘एडीशन डॉट एमवी’ के मुताबिक मालदीव के गृह, सुरक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अली इहुसन ने पुलिस अकादमी में 37वें पुलिस प्रारंभिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के स्नातक समारोह के दौरान भारत द्वारा मिली इस वित्तीय सहायता का जिक्र किया, और इस सहयोग के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। मालदीव पुलिस कॉलेज के इस समारोह में भारत में IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग अकादमी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी’ के निदेशक अमित गर्ग भी उपस्थित थे।

मालदीव की पुलिस, सेना को प्रशिक्षण देता है भारत

बता दें कि भारत, मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) को सबसे अधिक प्रशिक्षण प्रदान करता है, जो उनकी रक्षा प्रशिक्षण आवश्यकताओं का लगभग 70% पूरा करता है। भारत ने पिछले 10 वर्षों में 1500 से अधिक MNDF प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया है। MNDF अधिकारियों को भारत में विभिन्न रक्षा अकादमियों एनडीए, आईएमए, ओटीए, आईएनए, एएफएमसी, आदि में प्रशिक्षित किया गया है। एमएनडीएफ भारतीय रक्षा बलों के साथ संयुक्त गतिविधियों जैसे संयुक्त ईईजेड गश्त, संयुक्त अभ्यास, मादक द्रव्य विरोधी अभियान, एसएआर, समुद्री सवार कार्यक्रम, एचएडीआर अभ्यास, साहसिक शिविर, नौकायन रेगाटा, आदि में भी भाग ले रहा है।

भारतीय नौसेना ने एमएनडीएफ को हवाई निगरानी, ​​मेडेवैक, एसएआर, हेलो-बोर्न वर्टिकल इंसर्शन क्षमता के लिए हवाई संपत्ति भी प्रदान की है। पिछले 5 वर्षों में लगभग 600 मेडवैक, एसएआर ऑपरेशन और मेडिकल टीमों का स्थानांतरण किया गया है। चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के अलावा, मेडिकल विशेषज्ञों की एक टीम एमएनडीएफ के सेनहिया अस्पताल, माले में मालदीवियों की सेवा कर रही है और एमएनडीएफ डॉक्टरों के साथ विशेषज्ञता साझा कर रही है। कई एमएनडीएफ डॉक्टरों ने सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज, पुणे में प्रशिक्षण लिया है/ले रहे हैं।

1988 से ही रक्षा और सुरक्षा भारत और मालदीव के बीच सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र रहा है। भारत ने रक्षा प्रशिक्षण और उपकरणों की मालदीव की आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत लचीला और समायोजनकारी दृष्टिकोण अपनाया है। रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए अप्रैल 2016 में रक्षा के लिए एक व्यापक कार्य योजना पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। भारत-मालदीव रक्षा सहयोग, संयुक्त अभ्यास, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, हार्डवेयर का उपहार, बुनियादी ढांचे का विकास आदि के क्षेत्रों तक भी फैला हुआ है। रक्षा क्षेत्र में प्रमुख परियोजनाओं में एमएनडीएफ के लिए समग्र प्रशिक्षण केंद्र (सीटीसी), तटीय रडार प्रणाली (सीआरएस), रक्षा मंत्रालय के नए मुख्यालय का निर्माण और “एकथा” एमएनडीएफ बंदरगाह का निर्माण शामिल है।

First Published - December 10, 2024 | 8:50 PM IST

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