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भारत-ब्राजील ने व्यापार, दुर्लभ मृदा खनिजों पर की बात

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भारत और ब्राजील के प्रतिनिधिमंडलों ने छठी भारत-ब्राजील रणनीतिक वार्ता के लिए नई दिल्ली में मुलाकात की

Last Updated- October 03, 2025 | 10:59 PM IST
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भारत और ब्राजील ने शुक्रवार को रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा, दुर्लभ मृदा और महत्त्वपूर्ण खनिजों, स्वास्थ्य और दवा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की। दोनों देशों ने इस जुलाई से इन क्षेत्रों में संबंध मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

भारत और ब्राजील के प्रतिनिधिमंडलों ने छठी भारत-ब्राजील रणनीतिक वार्ता के लिए नई दिल्ली में मुलाकात की। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और ब्राजील के राष्ट्रपति के विशेष सलाहकार राजदूत सेल्सो लुइस नून्स अमोरिम ने अपने-अपने देशों के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया। इस साल जुलाई से भारत और ब्राजील ने अपने राजनयिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

भारत अगले साल की शुरुआत में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ एक बड़े ब्राजीलियाई व्यापार प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। ब्राजील के उप-राष्ट्रपति गेराल्डो अल्कामिन के लूला की यात्रा की तैयारी के लिए आने वाले हफ्तों में भारत यात्रा पर आने की संभावना है।

दोनों ही देश अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों का सामना कर रहे हैं और अपने नुकसान की भरपाई के लिए द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रासीलिया में 9 जुलाई को द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के साथ इस विषय पर चर्चा की थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा दोनों देशों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद ब्राजील के राष्ट्रपति ने 7 अगस्त को मोदी को फोन किया था। लूला ने तब वैश्विक आर्थिक हालात पर चर्चा के लिए ब्रिक्स नेताओं की एक वर्चुअल बैठक भी बुलाई थी। भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसमें भाग लिया था।

दोनों देशों ने 2030 तक अपना द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने और भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। भारत के विदेश मंत्रालय  ने कहा,‘जुलाई में प्रधानमंत्री की ब्राजील यात्रा के दौरान सहयोग के पांच स्तंभों के तहत चिह्नित विषयों पर आगे बढ़ने पर शुक्रवार को बातचीत हुई।‘दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने ब्रिक्स, आईबीएसए और आगामी कॉप-30 जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग पर भी चर्चा की, जिसकी मेजबानी ब्राजील नवंबर में करेगा।

भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग

कनाडा द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को एक आतंकवादी संगठन घोषित करने से जुड़े मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने 18 सितंबर को नई दिल्ली में कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नथाली ड्रौइन से मुलाकात की थी।

उन्होंने कहा,‘उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने, संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर रचनात्मक चर्चा की।‘जायसवाल ने कहा कि दोनों सुरक्षा सलाहकारों ने आपसी सुरक्षा सहयोग मजबूत करने और जुड़ाव के मौजूदा तंत्र और मजबूत करने पर सहमत हुए। कनाडा ने बिश्नोई गिरोह पर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभावित रूप से शामिल होने का आरोप लगाया है।

पीओके में विरोध प्रदर्शन

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में निर्दोष नागरिकों के खिलाफ ‘अपने भयानक मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए’। पीओके के कई क्षेत्रों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। वहां के लोग बुनियादी अधिकारों और न्याय और ‘उत्पीड़न’ समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

जायसवाल ने कहा,‘हमने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी खबरें देखी एवं सुनी हैं जिनमें पाकिस्तानी बल निर्दोष नागरिकों के खिलाफ पेश आ रहे हैं। हमारा मानना है कि यह पाकिस्तान के दमनकारी दृष्टिकोण और इन क्षेत्रों से संसाधनों की व्यवस्थित लूट का एक स्वाभाविक परिणाम है जो अभी भी उसके जबरन और अवैध कब्जे में हैं।‘

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First Published - October 3, 2025 | 10:59 PM IST

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