facebookmetapixel
Advertisement
WazirX की वापसी: 95% पुराने यूजर्स लौटे, फ्यूचर्स ट्रेडिंग में 300% उछाल52 वीक हाई पर पहुंचे बजाज ऑटो और टीवीएस के शेयर, हीरो-आयशर में भी तेजीCGHS Pensioner Card: रिटायरमेंट हुआ आसान! भविष्य पोर्टल से तुरंत बनेगा CGHS कार्डEPS Pension Hike: पेंशन बढ़कर 7,500 रुपये होगी या नहीं? सरकार ने लाखों EPFO सदस्यों को दिया साफ जवाबAxis AMC ने खरीदा Axis Securities का PMS बिजनेस, AUM बढ़कर ₹15,000 करोड़बारिश की कमी होगी दूर? 10 हजार किमी लंबी मॉनसूनी पट्टी से झमाझम बारिश के संकेतयूपी सरकार की मुफ्त स्कूटी योजना का किसे मिलेगा फायदा? जानिए पूरी डीटेलSteel Stocks: चीन का सस्ता स्टील बढ़ाएगा मुश्किलें? Q1 नतीजों से पहले भारतीय कंपनियों पर बढ़ा दबावSuzlon को 201.6 MW का बड़ा ऑर्डर, Waaree Group के पहले विंड एनर्जी के लिए समझौताJSW Energy vs Adani Green: किस शेयर पर ज्यादा बुलिश हैं ब्रोकरेज, कहां मिल सकता है बड़ा रिटर्न?

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-चीन सीमा विवाद में तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से किया इनकार

Advertisement

उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच एक समस्या है, या मैं कहना चाहूंगा कि भारत और चीन के बीच एक मुद्दा है, मुझे लगता है कि हम दोनों को इस पर बात करनी चाहिए और समाधान निकालना चाहिए।’

Last Updated- July 29, 2024 | 10:07 PM IST
U.S. Secretary of State Blinken, Australian Foreign Minister Wong, Indian External Affairs Minister Jaishankar and Japanese Foreign Minister Kamikawa attend a Quad Ministerial Meeting in Tokyo

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-चीन सीमा विवाद में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार करते हुए सोमवार को कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच मुद्दे का समाधान उन्हीं दोनों को निकालना है।

जयशंकर ने टोक्यो में संवाददाता सम्मेलन में कई सवालों के जवाब में कहा, ‘भारत और चीन के बीच वास्तविक मुद्दे को सुलझाने के लिए हम अन्य देशों की ओर नहीं देख रहे हैं।’ क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आए जयशंकर ने यह भी कहा कि चीन के साथ भारत के संबंध अच्छे नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच एक समस्या है, या मैं कहना चाहूंगा कि भारत और चीन के बीच एक मुद्दा है, मुझे लगता है कि हम दोनों को इस पर बात करनी चाहिए और समाधान निकालना चाहिए।’

उन्होंने इस महीने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ दो बार हुई अपनी बैठक को याद करते हुए कहा, ‘जाहिर है, दुनिया के अन्य देशों की भी इस मामले में रुचि होगी, क्योंकि हम दो बड़े देश हैं और हमारे संबंधों की स्थिति का बाकी दुनिया पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन हम अपने बीच के वास्तविक मुद्दे को सुलझाने के लिए अन्य देशों की ओर नहीं देख रहे हैं।’

जयशंकर और वांग की पिछले सप्ताह लाओस की राजधानी में मुलाकात हुई थी, जहां उन्होंने आसियान की बैठकों में भाग लिया था। बैठक के दौरान, उन्होंने मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मजबूत मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की थी।

Advertisement
First Published - July 29, 2024 | 10:07 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement