facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

Indian Oil के लिए रूसी क्रूड ला रहे टैंकर की पोर्ट पर ‘नो एंट्री’, दस्तावेजों की कमी चलते हुआ एक्शन

2004 में बने होंडुरन ध्वज वाले अंडमान स्काईज़ (Andaman Skies), ने 24 फरवरी को मुरमान्स्क में 767,000 बैरल लोड किया था और 30 मार्च को वाडिनार में इसे खाली किया जाना था।

Last Updated- March 28, 2025 | 2:38 PM IST
Centre 'bars' oil tanker carrying Russian crude for state-run Indian Oil Corp over documentation lapse
फिलहाल यह जहाज ओमान और भारत के बीच अरब सागर में है और अभी भी पूरी तरह लदा हुआ है। (फोटो: ब्लूमबर्ग)

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प (Indian Oil Corp) के लिए रूसी क्रूड ले जा रहे एक टैंकर को उचित दस्तावेजों की कमी के चलते प्रमुख एशियाई खरीदार के एक पोर्ट में प्रवेश करने से मना कर दिया गया है। ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी।

केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, 2004 में बने होंडुरन ध्वज वाले अंडमान स्काईज़ (Andaman Skies), ने 24 फरवरी को मुरमान्स्क में 767,000 बैरल लोड किया था और 30 मार्च को वाडिनार में इसे खाली किया जाना था। लेकिन जहाज के पश्चिम तट पोर्ट पर डॉक करने की मंजूरी मांगने वाले दस्तावेज पूरे नहीं थे। नाम जाहिर न होने की शर्त पर उन लोगों ने बताया कि दस्तावेजों में कमी की सटीक वजह नहीं बताई गई।

पश्चिमी प्रतिबंधों ने व्यापार हुआ जटिल

2022 में रूस की ओर से यूक्रेन पर हमले के बाद भारत रूसी समुद्री कच्चे माल के शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है, और देश के इम्पोर्ट फ्लो की बाजार द्वारा बारीकी से जांच की जाती है। रूसी जहाजों के खिलाफ अमेरिका, यूरोपीय संघ और यूके द्वारा लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों ने व्यापार को जटिल बना दिया है। वाशिंगटन ने जनवरी में दर्जनों जहाजों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। अंडमान स्काईज़ (Andaman Skies) को उस सूची में शामिल नहीं किया गया था, हालांकि इसे ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा टारगेट किया गया है।

अरब सागर में है जहाज

अंडमान स्काईज़ (Andaman Skies) को प्रवेश से इनकार किए जाने की खबर पहले रायटर्स (Reuters) ने दी थी। फिलहाल जहाज ओमान और भारत के बीच अरब सागर में है, अभी भी पूरी तरह से लदा हुआ है, और जहाज-ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि इसने सेलिंग बंद कर दी है। इक्वासिस (Equasis) डेटाबेस में लिस्टेड जहाज के रजिस्टर्ड मालिक, दुरबीन नेविगेशन लिमिटेड (Durbeen Navigation Ltd.) ने टिप्पणी के लिए तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

First Published - March 28, 2025 | 2:35 PM IST

संबंधित पोस्ट