facebookmetapixel
Advertisement
बॉन्ड यील्ड में गिरावट से बैंकों को होगा फायदा, Q1 में ट्रेजरी मुनाफा बढ़ने की उम्मीदFiscal Deficit: अप्रैल-मई में सरकार का राजकोषीय घाटा 12 गुना बढ़ा, RBI डिविडेंड के बावजूद बढ़ा दबावRBI FSR: मार्च में बैंकों का एनपीए घटकर 0.4% पर, कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा फंसे कर्ज का दबावअर्थव्यवस्था मजबूत, पर मॉनसून और पश्चिम एशिया संकट से अब भी जोखिमडिबेंचर धारकों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नियमों की होगी समीक्षाSEBI AIF Rules: निवेशकों के अधिकार बढ़ाने की तैयारी, संबंधित पक्षों के सौदों पर 75% मंजूरी का प्रस्तावCrude Oil Outlook: दूसरी छमाही में कच्चा तेल औसतन 72 डॉलर रहने के आसार: बोफाकोविड के बाद सेंसेक्स की सबसे खराब पहली छमाही, मिड-स्मॉलकैप बने निवेशकों का सहारादुबई रियल एस्टेट में सुस्ती के बीच FY27 में डैन्यूब की नजर 4 अरब डॉलर की परियोजनाओं परARAI ने बदला फैसला, ऑटो पीएलआई स्कीम में अब पूरे साल लागू होगी एक ही विनिमय दर

चीन के साथ जुड़ाव से भारत और क्वाड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा: अमेरिका

Advertisement

अमेरिका चीन के साथ विभिन्न स्तरों पर एक बार फिर से जुड़ रहा है।

Last Updated- January 17, 2024 | 7:40 PM IST
FILE PHOTO: U.S. President Joe Biden meets with Chinese President Xi Jinping on the sidelines of APEC summit, in Woodside

अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि चीन के साथ उनके देश के दोबारा जुड़ाव से भारत के साथ उसके मजबूत संबंधों और क्वाड समूह के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं पर किसी प्रभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। महीनों तक दोनों देशों के बीच सेना और राजनीतिक नेताओं के स्तर पर कोई संपर्क नहीं हो पाया था, और उनके बीच संभावित टकराव की स्थिति पैदा हो गयी थी।

इसके बाद अमेरिका चीन के साथ विभिन्न स्तरों पर एक बार फिर से जुड़ रहा है। अधिकारी ने कहा कि दोबारा जुड़ाव का उद्देश्य मुख्य रूप से बेहतर द्विपक्षीय संबंध बनाना है, खासकर आर्थिक और व्यापारिक मोर्चे पर, जिसे दोनों देश महत्वपूर्ण मानते हैं।

उन्होंने कहा कि लेकिन इसे भारत और क्वाड देशों के साथ अमेरिका के मजबूत संबंधों पर कोई प्रभाव पड़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, जो अमेरिका के लिए रणनीतिक स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण है।

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित चार देशों के समूह क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) को अक्सर भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रति संतुलन के रूप में देखा जाता है। क्वाड की परिकल्पना सबसे पहले 2007 में की गयी थी और उसके बाद से चारों देशों ने अपने रणनीतिक संबंधों को काफी गहरा कर लिया है।

Advertisement
First Published - January 17, 2024 | 7:40 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement