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बांग्लादेश में फंसे छात्रों समेत 19,000 भारतीय, इस्तीफे के बाद कैसे PM शेख हसीना पहुंचीं भारत; राज्यसभा में विदेश मंत्री ने बताया

विदेश मंत्री ने कहा, 'हमारी समझ यह है कि सुरक्षा प्रतिष्ठानों के नेताओं के साथ बैठक के बाद, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने स्पष्ट रूप से इस्तीफा देने का फैसला किया।'

Last Updated- August 06, 2024 | 3:27 PM IST
S Jaishankar

Foreign Minister S Jaishankar in Rajya Sabha: बांग्लादेश की भयानक स्थिति और प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने के एक दिन बाद भारत के विदेश मंत्री ने आज राज्यसभा में बयान दिया है। बांग्लादेश में छात्रों समेत भारतीयों से लेकर वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है, इस बीच जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि सरकार बांग्लादेश की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए।

राज्यसभा में बयान देते हुए एस. जयशंकर ने कहा, ‘…हम अपने राजनयिक मिशनों (diplomatic missions) के माध्यम से बांग्लादेश में भारतीय समुदाय के साथ नजदीकी से लगातार संपर्क में हैं। वहां अनुमानित 19,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से लगभग 9000 छात्र हैं। ज्यादातर छात्र जुलाई में लौट आए… हम अल्पसंख्यकों की स्थिति के संबंध में भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समूहों और संगठनों द्वारा पहल की खबरें हैं। स्वाभाविक रूप से, कानून-व्यवस्था बहाल होने तक हम बेहद चिंतित रहेंगे। इस जटिल स्थिति में हमारे सीमा सुरक्षा बलों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। पिछले 24 घंटों में, हम ढाका में अधिकारियों के संपर्क में हैं।’

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और भारत आने पर क्या बोले विदेश मंत्री

विदेश मंत्री ने राज्यसभा में बयान देते हुए कहा कि विदेश मंत्री ने कहा, ‘5 अगस्त को कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी ढाका में जुटे। हमारी समझ यह है कि सुरक्षा प्रतिष्ठान के नेताओं के साथ बैठक के बाद, प्रधान मंत्री शेख हसीना ने स्पष्ट रूप से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। बहुत ही कम समय में, उन्होंने कुछ समय के लिए भारत आने की मंजूरी का अनुरोध किया। हमें उसी समय बांग्लादेश के अधिकारियों से उड़ान मंजूरी के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ। वह कल शाम दिल्ली पहुंचीं।’

बता दें कि बांग्लादेश में सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के एक दिन बाद ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के नेताओं ने आज कहा कि वे नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस को देश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाना चाहते हैं।

 

सदमे में हैं शेख हसीना

राज्यसभा में बयान देने से पहले विदेश मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। उस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है।

PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए चौबीस घंटे भी नहीं बीते हैं और वह सदमे में हैं। सरकार हसीना को सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है और इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी।

शेख हसीना के इस्तीफे के बाद हो चुकी है 100 से ज्यादा लोगों की मौत

प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से सोमवार को इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद वहां पैदा हुई अराजकता के बीच देशभर में हिंसा की घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बस और अन्य सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नजर आए और स्थानीय दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें खोलीं। समाचार पोर्टल ने बताया कि सरकारी वाहन कार्यालयों की ओर जाते दिखाई दिए और बैटरी चालित कई रिक्शा भी सड़कों पर नजर आए।

First Published - August 6, 2024 | 3:03 PM IST

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