facebookmetapixel
Advertisement
कैबिनेट ने ₹9450 करोड़ के 4 रेलवे प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, 8 जिलों को मिलेगा फायदाबाजार में तेजी फिर भी निवेशक खेल रहे सेफ दांव, मनी मार्केट फंड्स में लगाएं ₹1.4 लाख करोड़26-45 साल वालों ने किए सबसे ज्यादा हेल्थ क्लेम, 56% दावों के पीछे कौन-कौन सी बीमारियां?पश्चिम एशिया संकट से लागत बढ़ी लेकिन नहीं घटा घरों का क्रेज, 6 शहरों में 3.55 लाख यूनिट बिक्री की उम्मीदSEBI बदलेगा SME लिस्टिंग फ्रेमवर्क, AI-ML के इस्तेमाल पर बढ़ाएगा जवाबदेहीतमिलनाडु सीएम विजय का ऐलान: सभी 234 विधायकों को गाड़ी और ₹1 लाख मासिक भत्ता; जनता के लिए भी कई बड़े ऐलानगाजा कैपिटल IPO में पैसा लगाएं या नहीं? GMP ₹25, एनालिस्ट्स की राय और निवेश से जुड़ी जरूरी बातें जानेंUPI ट्रांजैक्शन हुआ फेल और अकाउंट से कट गए पैसे? ऐसे में क्या करें यूजरपैसा रखिए तैयार! 24 अगस्त से खुल जा रहा है इंदौर की फार्मा कंपनी का IPO, ₹1757 करोड़ जुटाने का है प्लानAxis Bank Credit Card: 28 अगस्त से बदलेंगे नियम, विदेश में पेमेंट और टोल से लेकर लेट फीस तक पर पड़ेगा सीधा असर

7 साल बाद मिला AN-32 विमान का मलबा, 29 कर्मी लापता

Advertisement

बंगाल की खाड़ी में 3.4 किमी की गहराई पर मिला मलबा

Last Updated- January 12, 2024 | 11:27 PM IST
Aircraft

भारतीय वायुसेना के एक परिवहन विमान का मलबा लगभग साढ़े सात साल बाद बंगाल की खाड़ी में करीब 3.4 किमी की गहराई पर मिला है। लापता विमान में 29 कर्मी सवार थे।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान के ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (एयूवी) द्वारा ली गई तस्वीरों की जांच से पता चला है कि चेन्नई तट से 310 किमी दूर समुद्र में मिला मलबा एएन-32 विमान का है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘तस्वीरों की पड़ताल की गई जो एएन-32 विमान के अनुरूप पाई गईं। संभावित दुर्घटना स्थल पर यह खोज, इस क्षेत्र में किसी अन्य विमान के लापता होने की कोई खबर न होने से, संभवतः भारतीय वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त एन-32 विमान का मलबा होने की ओर इशारा करती है।’

पंजीकरण संख्या के-2743 वाला भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान 22 जुलाई, 2016 को बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था। इस विमान की खोज में बड़ा अभियान चलाया गया था जिसमें कई विमान और जहाज लगाए गए थे, लेकिन न तो लापता विमान के मलबे का पता चला और न ही विमान में सवार कर्मियों का पता चल पाया।

राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसने लापता हुए एएन-32 विमान के अंतिम ज्ञात स्थान पर गहरे समुद्र में हाल ही में अन्वेषण क्षमता वाला एक एयूवी तैनात किया था।

Advertisement
First Published - January 12, 2024 | 11:27 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement