IIT इंट्रेस एक्जाम की तैयारी करने वाले स्टूडेंट शुभ चौधरी कोटा में अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए। 2024 में शहर में यह चौथा आत्महत्या का मामला है। इससे पहले, कोटा में नूर मोहम्मद नाम के एक बीटेक स्टूडेंट, JEE की तैयारी करने वाली निहारिका सिंह और NEET की तैयारी करने वाले मोहम्मद ज़ैद ने भी आत्महत्या कर ली थी।
NDTV में छपी खबर के मुताबिक, 18 साल की निहारिका, जो JEE की तैयारी कर रही थी, ने एक सुसाइड नोट छोड़ा जिसमें कहा गया कि वह परीक्षा का दबाव नहीं संभाल सकती। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी और खुद को हारा हुआ बताया। वहीं, झारखंड के शुभ चौधरी अपने जेईई मेन्स के नतीजे से निराश थे। उनका शव सीलिंग पंखे से लटका हुआ मिला। परिवार को सूचित कर दिया गया है, और उसके माता-पिता के कोटा पहुंचने पर शव परीक्षण किया जाएगा।
बढ़ती आत्महत्याओं से निपटने की कोशिश में कोटा प्रशासन
कोटा प्रशासन शहर में बढ़ती आत्महत्याओं की संख्या से निपटने की कोशिश कर रहा है। 2023 में, कोटा में रिकॉर्ड 26 आत्महत्या मौतें हुईं, जो शहर में अब तक की सबसे अधिक मौतें हैं। कोटा को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग केंद्र के रूप में जाना जाता है, जहां सालाना 200,000 से अधिक छात्र कोचिंग की पढ़ाई के लिए आते हैं।
पिछले साल शहर प्रशासन ने इन मौतों को कम करने के लिए कदम उठाए थे। इनमें अन्य उपायों के अलावा हॉस्टल के कमरे के पंखों को सुरक्षित बनाना, बालकनियों में जाल लगाना और परीक्षा में टॉपर्स के जश्न को सीमित करना जैसी चीजें शामिल थीं।
लड़कियों के बीच आत्महत्या को रोकने के लिए पांच विशेष टीम कर रहीं काम
शहर ने लड़कियों के बीच आत्महत्या को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पांच विशेष टीमों का भी गठन किया। प्रत्येक टीम कोचिंग सेंटरों में लड़कियों से बात करती है और हर 15 दिनों में जिला कलेक्टर को रिपोर्ट करती है। हालांकि, इन उपायों से कितना फायदा हुआ है, यह बता पाना अभी मुमिकन नहीं है।
ज़ैद की आत्महत्या के बाद, जिला प्रशासन ने उस छात्रावास में ताला लगा दिया है क्योंकि उसके छत के पंखों पर “एंटी-सुइसाइड” डिवाइस नहीं थे।