प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक अहम बहस के दौरान कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है कि भारत अब परमाणु ब्लैकमेलिंग से डरने वाला नहीं है। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। पीएम मोदी ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि सेना को आतंकियों को सबक सिखाने के लिए पूरी छूट दी गई थी। उन्होंने कहा, “सेना को यह तय करने की पूरी आजादी थी कि आतंकियों को कहां, कब और कैसे जवाब देना है। हमें अपनी सेना पर गर्व है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन रोकने नहीं कहा था। 9 मई की रात अमेरिका के उप राष्ट्रपति जी ने मुझसे बात करने का प्रयास किया, वो घंटे भर कोशिश कर रहे थे। मेरी उस वक्त सेना के साथ मीटिंग चल रही थी। मैंने बाद में उन्हें फोन किया। तब उन्होंने मुझे बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। मैंने कहा कि अगर पाकिस्तान का ये इरादा है तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा।”
लोकसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इस सत्र को ‘विजयोत्सव’ यानी जीत का उत्सव करार दिया। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि यह सत्र भारत के विजयोत्सव का है। यह विजयोत्सव आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाने का है।”
पीएम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशवासियों के समर्थन के लिए उनका आभार भी जताया। उन्होंने कहा, “मैं देश की जनता का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान मुझ पर भरोसा दिखाया।”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह देश की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाने वालों को आईना दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यहां भारत का पक्ष रखने के लिए खड़ा हूं। जो लोग भारत का पक्ष नहीं देखते, उनके लिए मैं आईना लेकर खड़ा हूं।”
इससे पहले, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार पर चेतावनियों को नजरअंदाज करने और स्थिति को गलत तरीके से संभालने का आरोप लगाया। राहुल ने कहा, “अगर आपने मेरी बात सुनी होती, तो वो पांच विमान नहीं खोते।”
उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के 11 मई के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकिस्तान को युद्ध के दौरान चीन से रियल-टाइम जानकारी मिल रही थी। राहुल ने कहा, “डीजीएमओ स्तर की बातचीत के दौरान पाकिस्तान ने कहा था कि उन्हें पता है कि भारत का एक अहम हथियार तैयार है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे वापस लिया जाए। यह साफ है कि पाकिस्तान को चीन से जंग के मैदान की लाइव जानकारी मिल रही थी।”