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पिछले पांच सालों में संगठित क्षेत्र में सिर्फ 12.2 लाख नई नौकरियां आईं: खरगे

मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत में पिछले पांच वर्षों में संगठित क्षेत्र की केवल 12.2 लाख नई नौकरियां सृजित की गईं। यानी हर साल औसतन केवल 2,44,000 नौकरियां

Last Updated- August 04, 2023 | 12:47 PM IST
मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में पिछले पांच वर्षों के दौरान संगठित क्षेत्र में सिर्फ 12.2 लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ। उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा के शासनकाल में युवाओं का भविष्य अंधकारमय है।

खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत में पिछले पांच वर्षों में संगठित क्षेत्र की केवल 12.2 लाख नई नौकरियां सृजित की गईं। इसका मतलब यह है कि प्रति वर्ष औसतन केवल 2,44,000 नौकरियां मिलीं। हम इस आंकड़े को पेश नहीं कर रहे हैं। यह मोदी सरकार ही है जिसने यह विमर्श गढ़ा कि ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) में नियमित खाताधारकों की संख्या का मतलब उतनी नौकरियों का सृजन होता है! ईपीएफ डेटा इसकी पुष्टि करता है।’’

भाजपा नहीं पूरा कर पाई रोजगार का वादा- खरगे

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा ने प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था! यानी 9 साल में 18 करोड़ नौकरियां पैदा हो सकती थीं। हमारा युवा अंधकारमय भविष्य की ओर देख रहा है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि सड़कों पर गुस्सा और हिंसा है। रोजगार देने में भाजपा बुरी तरह विफल!’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अकल्पनीय स्तर की बेरोजगारी, पीड़ादायक महंगाई और भाजपा द्वारा थोपी गई सुनियोजित नफरत के कारण यह विनाशकारी स्थिति पैदा हुई है। खरगे ने कहा, ‘‘हमारे गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के अस्तित्व के लिए, भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा।’’

ये भी पढ़ें- भारत में मंडरा रहा है महंगाई का खतरा! वित्त मंत्रालय ने जारी की अपनी आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट

First Published - August 4, 2023 | 12:47 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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