facebookmetapixel
गिग इकोनॉमी में बहार: इस साल 10 लाख नए कर्मियों की होगी भर्ती, क्विक कॉमर्स व ई-कॉमर्स बनेंगे इंजनटेक्सटाइल सेक्टर में नई जान: अमेरिका के साथ ट्रेड डील से निर्यात में आ सकती है डबल डिजिट ग्रोथनिफ्टी नेक्स्ट 50 में बड़ा बदलाव: टाटा मोटर्स CV और HDFC AMC होंगे शामिल, होगा करोड़ों का निवेशNykaa की शानदार वापसी: मुनाफे में उछाल और फैशन सेगमेंट का सुधरा प्रदर्शन, ब्रोकरेज ने दी ‘ओवरवेट’ रेटिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय फार्मा कंपनियों की सुस्ती, कीमतों के दबाव से सन फार्मा और सिप्ला पस्तAirtel की दो टूक: AGR भुगतान पर रोक की जरूरत नहीं, बस गणना में सुधार होनी चाहिएसेमीकंडक्टर से लेकर पाम ऑयल तक: भारत-मलेशिया के बीच हुए 11 समझौते, अब रुपये-रिंगिट में होगा व्यापारअमित शाह का बड़ा ऐलान: 31 मार्च तक होगा नक्सलवाद का पूर्ण सफाया, अब निर्णायक दौर में जंगचंद्रबाबू नायडू का ‘क्वांटम’ विजन: आंध्र प्रदेश में बनेगी देश की पहली क्वांटम वैली, बदल जाएगी IT की दुनियापीयूष गोयल का बड़ा दावा: 35 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट बनेगा भारत, अमेरिका से डील तो बस शुरुआत है

ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है: भारत

सीबीआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में 136 देशों के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने भाग लिया, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया।

Last Updated- May 04, 2024 | 12:21 PM IST
global security
Representative Image

भारत ने “अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद” के बीच कोई अंतर नहीं होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

फ्रांस के ल्योन में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के प्रमुखों के हाल ही में संपन्न 19वें इंटरपोल सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने संगठित अपराध, आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के बीच साठगांठ से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला। सूद ने कहा कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और कहा कि “अच्छे आतंकवाद, बुरे आतंकवाद” के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता। सीबीआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में 136 देशों के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने भाग लिया, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया।

प्रत्येक देश में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) इंटरपोल के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार नोडल संगठन है। भारत में, सीबीआई को एनसीबी नामित किया गया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए इंटरपोल और एनसीबी के बीच सहयोग को मजबूत करना था।

First Published - May 4, 2024 | 12:18 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट