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Online Gaming पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: 357 अवैध वेबसाइट्स को किया ब्लॉक, लोगों को दूर रहने की दी सलाह

इसके अलावा लगभग 700 ऑफशोर ई-गेमिंग कंपनियां DGGI की निगरानी में हैं, क्योंकि ये संस्थाएं GST से बचने के लिए रजिस्टर नहीं कर रही हैं।

Last Updated- March 22, 2025 | 5:09 PM IST
Online Gaming
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

GST खुफिया अधिकारियों ने अवैध ऑफशोर ऑनलाइन गेमिंग फर्मों की 357 वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है और लगभग 2,400 बैंक खातों को अटैच कर लिया है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। इसके अलावा मंत्रालय ने जनता को ऑफशोर गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से दूर रहने की चेतावनी भी दी। मंत्रालय ने कहा कि भले ही कोई बॉलीवुड सेलेब्रिटी, क्रिकेटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स इन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करते हो, लेकिन लोगों को इससे बचना चाहिए।

लगभग 700 ऑफशोर ई-गेमिंग कंपनियां डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI) की निगरानी में हैं, क्योंकि ये संस्थाएं GST से बचने के लिए रजिस्टर नहीं कर रही हैं, टैक्सेबल पे-इन्स (taxable pay-ins) को छिपा रही हैं और टैक्स दायित्वों को नजरअंदाज कर रही हैं।जांच में यह भी पता चला कि ये ऑफशोर कंपनियां लेनदेन के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल करती थी। मंत्रालय ने कहा कि DGGI ने 166 ‘म्यूल’ खातों को ब्लॉक कर दिया।

बयान में कहा गया, “अब तक, DGGI ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ मिलकर अवैध/गैर-अनुपालक ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग संस्थाओं की 357 वेबसाइट्स/URLs को ब्लॉक किया है।” दो अन्य अलग-अलग मामलों में, DGGI ने कुल मिलाकर लगभग 2,400 बैंक खातों को ब्लॉक किया और करीब 126 करोड़ रुपये पर रोक लगा दी।

एक अन्य ऑपरेशन में, कुछ भारतीय नागरिकों के खिलाफ जो भारत के बाहर से ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स चला रहे थे, यह खुलासा हुआ कि ये व्यक्ति सतगुरु ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म, महाकाल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म और Abhi247 ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म जैसे अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय ग्राहकों को ऑनलाइन मनी गेमिंग की सुविधा दे रहे थे और भारतीय ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे।

166 म्यूल खातों को भी किया गया ब्लॉक

DGGI ने अब तक इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े 166 म्यूल खातों को ब्लॉक किया है। अब तक तीन ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और अन्य ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ जांच चल रही है।  GST कानून के तहत, ‘ऑनलाइन मनी गेमिंग’, जो एक एक्शनेबल क्लेम है, को ‘गुड्स’ की आपूर्ति के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इस पर 28 प्रतिशत टैक्स लगता है। इस क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को GST के तहत रजिस्टर करना जरूरी है।

आगामी आईपीएल सीजन के साथ, टैक्स अधिकारियों द्वारा अवैध गेमिंग गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाइयां और सख्त होंगी, मंत्रालय ने कहा, और लोगों से केवल नियमित ई-गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने का आग्रह किया।  मंत्रालय ने कहा कि विदेशी संस्थाओं द्वारा गैर-अनुपालन निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बिगाड़ता है, स्थानीय व्यवसायों को नुकसान पहुंचाता है और बाजार को प्रभावित करता है।

ये बेईमान विदेशी संस्थाएं प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए नए वेब पते बनाती हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “जांच में यह भी पता चला कि ये कंपनियां लेनदेन के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए काम करती थीं। म्यूल खातों के जरिए इकट्ठा किए गए फंड्स को अवैध गतिविधियों में डालने की संभावना रहती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से भी खतरनाक हो सकता है।”

मंत्रालय ने आगे कहा, “यह देखा गया है कि कई बॉलीवुड सेलेब्रिटी और क्रिकेटर, साथ ही यूट्यूब, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स इन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करते पाए गए हैं, इसलिए जनता को सावधान रहने और ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से न जुड़ने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे उनकी निजी वित्तीय स्थिति खतरे में पड़ सकती है और यह अप्रत्यक्ष रूप से वित्तीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाली गतिविधियों का समर्थन कर सकता है।”

First Published - March 22, 2025 | 5:08 PM IST

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