facebookmetapixel
Advertisement
सरकार की कमाई बढ़ी! प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT कलेक्शन में 53% इजाफाMDR के बाद पेटीएम, पाइन लैब्स और मोबिक्विक पर नजर, जानें तेजी आएगी या बढ़ेगा दबाव₹25,000 तक वेतन वालों के लिए PF का नया हिसाब! EPF और EPS में कितना-कितना बढ जाएगा योगदानAI की तेजी में पीछे नहीं भारत! इन 42 शेयरों में 60% उछाल, गोल्डमैन सैक्स ने बताई वजहऊर्जा बचत पर कंपनियां लगाएंगी 3,590 करोड़ रुपये, CII ने जारी किया हीट पंप एटलसजेफरीज के बाद अब गोल्डमैन सैक्स ने सोने पर दिया बड़ा अनुमान, 5,400 डॉलर तक जाने की उम्मीदशापूरजी मिस्त्री ने किया टाटा संस की लिस्टिंग का समर्थन, बोले- मकसद किसी एक पक्ष की जीत नहीं20 साल की बड़ी गिरावट की आशंका, एक करोड़ टन घट सकता है चावल उत्पादनभारत की GDP ग्रोथ पर मूडीज का बड़ा अपडेट, FY27 के लिए अनुमान बढ़ाकर किया 7%AI खुद करने लगा कंपनियों का काम, क्या बदलने वाली है आपकी नौकरी? ये आंकड़े दे रहे बड़ा संकेत

Data Protection Bill: रियायतों के साथ आया डेटा सुरक्षा विधेयक

Advertisement

8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों या दिव्यांगों की व्य​क्तिगत जानकारी के लिए उनके माता-पिता या कानूनी संरक्षक से सहमति लेनी होगी।

Last Updated- August 03, 2023 | 10:23 PM IST
डेटा संरक्षण कानून के उल्लंघन के लिए जोखिम सीमा पर स्पष्टता की आवश्यकता , Data protection law needs clarity on risk threshold for breaches:

सरकार ने व्यक्तिगत जानकारी का कानूनी तरीके से संग्रह और इस्तेमाल करने तथा उसे सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल व्य​क्तिगत डेटा सुरक्षा विधेयक, 2023 आज पेश कर दिया। लोकसभा में पेश विधेयक में डेटा लीक होने पर 250 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

व्य​क्तिगत जानकारी का इस्तेमाल करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को उपयोगकर्ताओं को इसकी जानकारी देनी होगी और बिना शर्त सहमति लेनी होगी। उपयोगकर्ता यानी यूजर किसी भी समय अपनी रजामंदी वापस ले सकते हैं, जिसके बाद प्लेटफॉर्म को जानकारी का इस्तेमाल बंद करना होगा और उसे अपने डेटाबेस से हटाना भी होगा।

व्यक्तिगत जानकारी सरकार की काली सूची में दिए गए स्थानों को छोड़कर किसी भी देश में भेजी जा सकती है। उद्योग जगत ने नए विधेयक पर कुल मिलाकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इस विधेयक पर चार साल से ज्यादा काम हुआ है, चर्चा के कई दौर हुए हैं और कई संशोधन भी किए गए हैं। इसलिए विधेयक की रूपरेखा पहले मसौदे के मुकाबले काफी अलग है।

Also read: PLI में बदलाव पर विचार कर रही सरकार

उद्योग जगत बड़ी राहत देते हुए विधेयक में सीमा पार डेटा भेजने की इजाजत दे दी गई है। साथ ही डेटा के बिना इजाजत इस्तेमाल की बात स्वयं ही स्वीकार करने की बात भी कही गई है, जिस पर 2019 के मसौद में मौजूद जुर्माने हटा दिए गए हैं। चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति, आपदा, अदालत के आदेश और सरकारी एजेंसियों के कुछ खास मकसदों के लिए जानकारी का इस्तेमाल करने के लिए सहमति जरूरी नहीं होगी।

विधेयक के अनुसार हरेक प्लेटफॉर्म को डेटा के इस्तेमाल का उद्देश्य और यूजर्स के अधिकार समझाने वाला नोटिस देना होगा। नोटिस सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। अगर प्लेटफॉर्म ने यूजर्स की व्य​क्तिगत जानकारी पहले ही इकट्ठी कर ली है तो उसे यूजर्स को एक नोटिस भेजकर बताना होगा कि वे इजाजत वापस भी ले सकते हैं।

यह विधेयक अज्ञात, गैर-व्यक्तिगत और ऑफलाइन व्यक्तिगत डेटा पर लागू नहीं होता है। जानकारी को संवेदनशील और महत्त्वपूर्ण की श्रेणी में भी नहीं रखा है। मुकदमेबाजी कम करने के उद्देश्य से इस विधेयक में वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) का प्रावधान किया गया है। यदि इसे मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया तो भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए यह अहम कानून साबित होगा।

Also read: JULY Services PMI: सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई में 13 साल के हाई पर पहुंचा पीएमआई

दुनिया की तमाम बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ा दांव लगा रही हैं। सरकार एक डेटा सुरक्षा बोर्ड भी स्थापित करेगी। यह स्वतंत्र निकाय होगा, जो व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन संबंधी मामलों की जांच करेगा और जुर्माना लगाएगा। अगर कोई प्लेटफॉर्म डेटा उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने में विफल रहता है तो बोर्ड उस पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। बच्चों की जानकारी से संबंधित अतिरिक्त दायित्वों का पालन करने में विफल रहने पर 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

Advertisement
First Published - August 3, 2023 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement