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वोडाफोन-एयरटेल के शेयर में रिलायंस से ज्यादा तेजी

Last Updated- December 12, 2022 | 10:01 AM IST

बेहद प्रतिस्पर्धी दूरसंचार क्षेत्र में एक नए चक्र की शुरुआत देखने को मिली है। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने 1 अक्टूबर से शेयर बाजारों पर रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को मात दी है।
दरअसल, वोडाफोन आइडिया का शेयर पिछले तीन महीनों के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाला रहा, जबकि आरआईएल के शेयर में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इसमें सितबर 2020 के ऊंचे स्तर से यह कमजोरी दर्ज की गई है।
वोडाफोन की शेयर कीमत इस अवधि के दौरान करीब 28 प्रतिशत चढ़ी, जबकि भारती एयरटेल में 25 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। इसके विपरीत, आरआईएल का शेयर 13 प्रतिशत कमजोर हुआ है और शुक्रवार को यह 1,934 रुपये पर बंद हुआ, जबकि 1 अक्टूबर, 2020 को यह 2,225 रुपये पर था।
तीन महीने की अवधि के दौरान, एयरटेल का शेयर 432 रुपये से चढ़कर 540 रुपये पर पहुंचा है, जबकि वोडाफोन आइडिया 9.2 रुपये से चढ़कर 11.8 रुपये प्रति शेयर पर आ गया है।
हालांकि ये दो दूरसंचार कंपनियां पांच साल की अवधि के दौरान पीछे रही हैं। आरआईएल की शेयर कीमत दिसंबर 2015 में जियो के लॉन्च के बाद से करीब पांच गुना चढ़ी है। हालांकि जियो का आरआईएल के समेकित राजस्व और लाभ में मामूली योगदान बना हुआ है, लेकिन पिछले वर्षों में उसकी शेयर कीमत में तेजी के पीछे कंपनी के मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का बड़ा योगदान रहा है।
तुलनात्मक तौर पर, वोडाफोन आइडिया का शेयर इस अवधि के दौरान करीब 90 प्रतिशत गिर गया है और एयरटेल की शेयर कीमत में करीब 50 प्रतिशत की तेजी आई।
अब विश्लेषकों का मानना है कि तीन मोबाइल ऑपरेटरों के बीच प्रदर्शन में अंतर घटेगा, क्योंकि कंपनियों की बाजार भागीदारी मजबूत होनी शुरू हो गई है।
ग्राहकों और एमएनपी (मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी) के बारे में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा मासिक आंकड़े के अनुसार, एयरटेल अब अपनी ग्राहक वृद्घि में आगे बनी हुई है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के संजेश जैन और समीर पार्डिकर ने इस सेक्टर पर अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, ‘जियो के सक्रिय ग्राहकों की संख्या सितंबर में सिर्फ 7 लाख तक बढ़कर 31.9 करोड़ पर रही, जो वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही के दौरान 78 लाख की ग्राहक वृद्घि के मुकाबले काफी कम है। कंपनी का ग्राहक आधार नवंबर 2019 में दर वृद्घि के बाद उसके ऐतिहासिक औसत से काफी कम है। नवंबर 2019 में कंपनी ने अपनी शुल्कयुक्त आउटगोइंग वॉइस कॉल सेवा शुरू की थी।’
हालांकि इससे एयरटेल को मोबाइल ब्रॉडबैंड बाजार में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली है, लेकिन जियो कुल और सक्रिय मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहकों के संदर्भ में अग्रणी बनी हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि एयरटेल इस उद्योग में ऐतिहासिक तौर पर बेहद ऊंची एमएनपी दर की सबसे बड़ी लाभार्थी होगी। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, एमएनपी दर बढ़कर सक्रिय सेवाओं के 0.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो कोविड से पहले की अवधि में 0.5 प्रतिशत थी।
आईआईएफएल सिक्योरिटीज के जीवी गिरि और बालाजी सुब्रमण्यन ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में कहा है, ‘भारती दूरसंचार क्षेत्र में हमारा पसंदीदा शेयर है, क्योंकि यह उद्योग में आ रहे सुधार, और वॉलेट की भागीदारी में विस्तार और स्पेक्ट्रम तथा उपकरण पूंजीगत खर्च में कमी का लाभ उठाने के लिहाज से अच्छी स्थिति में है।’
वोडाफोन की शेयर कीमत में तेजी बेहद आश्चर्यजनक रही है और पिछले 12 महीने में यह शेयर करीब दोगुना हो गया, जो भारती एयरटेल और आरआईएल की शेयर कीमतों में दर्ज की गई 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले काफी ज्यादा है।

First Published - January 11, 2021 | 12:07 AM IST

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