facebookmetapixel
Advertisement
कैशलैस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी इलाज के लिए उधार लेने पड़ रहे हैं पैसे: रिपोर्ट का दावाऑर्डर घटे, निर्माण धीमा पड़ा… इन्फ्रा सेक्टर की हालत पर रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटीAdvit Jewels IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला आईपीओ, ₹165 करोड़ जुटाने की तैयारी; जानें प्राइस बैंड समेत अन्य डीटेल्सITR Filing 2026: क्या 80 साल की उम्र के बाद ITR भरने की जरूरत नहीं? जानिए टैक्स कानून की पूरी सच्चाईNEET परीक्षा के बाद Telegram को मिली राहत, बहाल हुई सेवाएं…लेकिन 30 जून तक लागू रहेगी यह रोकबड़ा IPO, बड़ी कमाई की गारंटी नहीं! निवेश से पहले जानिए वैल्यूएशन का गणित3 दिन में 600 अरब डॉलर स्वाहा, आखिर SpaceX के शेयरों में क्यों मची इतनी बड़ी बिकवाली?AI के दौर में नौकरी पर संकट! Oracle ने 21,000 कर्मचारियों को किया बाहरनुवामा की नई रणनीति: IT-बैंकिंग पर भरोसा, ऑटो और मेटल शेयरों से सतर्क रहने की सलाहGold, Silver Price Today: सोना ₹2093 पड़ा कमजोर, चांदी ₹2.30 लाख के नीचे फिसली

मई के मुकाबले जून में कम हुआ UPI ट्रांजैक्शन, सालाना आधार पर हुई बढ़ोतरी

Advertisement

फरवरी के बाद यह पहला मौका है, जब यूपीआई की संख्या में गिरावट आई है

Last Updated- July 02, 2023 | 11:49 PM IST
UPI in Srilanka and Maldives- श्रीलंका और मालदीव में यूपीआई पेमेंट

जून में यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से लेन-देन 1 प्रतिशत घटकर 14.75 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो मई में 14.89 लाख करोड़ रुपये था। मात्रा के हिसाब से भी लेन-देन में गिरावट आई है और मई के 9.41 अरब की तुलना में जून में 9.33 अरब रह गई। फरवरी के बाद यह पहला मौका है, जब यूपीआई की संख्या में गिरावट आई है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के समान महीने की तुलना में मात्रा के हिसाब से लेन-देन 59 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 45 प्रतिशत बढ़ा है। जून 2022 में एनपीसीआई से 5.86 अरब लेन-देन के माध्यम से 10.14 लाख करोड़ रुपये का लेन देन हुआ। अप्रैल 2023 संख्या 8.89 अरब लेन-देन हुए जिसका कुल मूल्य 14.07 लाख करोड़ रुपये है।

पिछली बाद यूपीआई के आंकड़े फरवरी में घटे थे, जब संख्या के हिसाब से 5 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 6 प्रतिशत गिरावट आई थी।

एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक जून में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) से लेनदेन संख्या के हिसाब से 46.81 लाख था, जिसका मूल्य 5 लाख करोड़ रुपये है। मई में यह मूल्य के हिसाब से 5.26 लाख करोड़ रुपये और संख्या के हिसाब से 50 लाख था। अप्रैल 2023 में यह मूल्य के हिसाब से 5.21 लाख करोड़ रुपये और संख्या के हिसाब से 49.6 लाख है।

फास्टैग लेन-देन में 6 प्रतिशत गिरावट आई है। यह संख्या के हिसाब से मई में 33.5 लाख था, जो जून में 31.6 लाख रह गया है।

समीक्षाधीन महीने में आधार सक्षम भुगतान व्यवस्था (एईपीएस) में 4 प्रतिशत गिरावट आई है। यह मई के 9.96 लाख की जुलना में जून में घटकर 9.6 लाख रह गई।

Advertisement
First Published - July 2, 2023 | 11:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement