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मई के मुकाबले जून में कम हुआ UPI ट्रांजैक्शन, सालाना आधार पर हुई बढ़ोतरी

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फरवरी के बाद यह पहला मौका है, जब यूपीआई की संख्या में गिरावट आई है

Last Updated- July 02, 2023 | 11:49 PM IST
UPI in Srilanka and Maldives- श्रीलंका और मालदीव में यूपीआई पेमेंट

जून में यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से लेन-देन 1 प्रतिशत घटकर 14.75 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो मई में 14.89 लाख करोड़ रुपये था। मात्रा के हिसाब से भी लेन-देन में गिरावट आई है और मई के 9.41 अरब की तुलना में जून में 9.33 अरब रह गई। फरवरी के बाद यह पहला मौका है, जब यूपीआई की संख्या में गिरावट आई है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के समान महीने की तुलना में मात्रा के हिसाब से लेन-देन 59 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 45 प्रतिशत बढ़ा है। जून 2022 में एनपीसीआई से 5.86 अरब लेन-देन के माध्यम से 10.14 लाख करोड़ रुपये का लेन देन हुआ। अप्रैल 2023 संख्या 8.89 अरब लेन-देन हुए जिसका कुल मूल्य 14.07 लाख करोड़ रुपये है।

पिछली बाद यूपीआई के आंकड़े फरवरी में घटे थे, जब संख्या के हिसाब से 5 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 6 प्रतिशत गिरावट आई थी।

एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक जून में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) से लेनदेन संख्या के हिसाब से 46.81 लाख था, जिसका मूल्य 5 लाख करोड़ रुपये है। मई में यह मूल्य के हिसाब से 5.26 लाख करोड़ रुपये और संख्या के हिसाब से 50 लाख था। अप्रैल 2023 में यह मूल्य के हिसाब से 5.21 लाख करोड़ रुपये और संख्या के हिसाब से 49.6 लाख है।

फास्टैग लेन-देन में 6 प्रतिशत गिरावट आई है। यह संख्या के हिसाब से मई में 33.5 लाख था, जो जून में 31.6 लाख रह गया है।

समीक्षाधीन महीने में आधार सक्षम भुगतान व्यवस्था (एईपीएस) में 4 प्रतिशत गिरावट आई है। यह मई के 9.96 लाख की जुलना में जून में घटकर 9.6 लाख रह गई।

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First Published - July 2, 2023 | 11:49 PM IST

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